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पैसों के लालच में रची खुद की मौत की साजिश पर पकड़े गए

Fri, 04 Dec 2015 06:57 PM IST
Updated Fri, 04 Dec 2015 06:57 PM IST
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people who planned their own fake death

नोएडा के चंद्र मोहन शर्मा एक आरटीआई एक्टीविस्ट थे जिन्होंने भूमाफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। वे अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं थे और पड़ोस की लड़की प्रीति नागर से उसका प्रेम संबंध था।

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मोहन के पास 3 लाख रुपए का लाइफ इंश्योरेंस था । जिस कंपनी में वे काम कर रहे थे, उसने भी उनकी मौत के बाद उनके परिवार को 36 लाख रुपए देने का वादा किया था।
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अपनी प्रेमिका और साले की मदद से मोहन ने अपने ही मर्डर की साजिश रची। उन्होंने एक बेघर आदमी को माड डाला और उसके शरीर को एक कार में रख कर उसमें आग लगा दी। हर किसी को लगा कि भूमाफिया ने मोहन को मार डाला है।
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इसके बाद वो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरू भाग गया। लेकिन मामले के एक ही महीने के अंदर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए उसे पहचान लिया जब वे प्रीति के घर पर नकली कॉल कर रहा था।

जॉन स्टोनहाउस: प्रेमिका संग रहने के लिए किया नाटक

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ब्रिटिश लेबर एंड को-ऑपरेटिव पार्टी के सदस्य रहे जॉन स्टोनहाउस अपनी आर्थिक समस्याओं से बाहर आकर अपनी प्रेमिका के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे।

20 नवंबर 1974 को जॉन मियामी के बीच से अचानक गायब हो गए। उन्होंने अपनी ही मौत का नाटक किया और खबर फैल गई कि या तो वो समंदर में डूब गए हैं या उन्हें शार्क खा गई है।

चूंकि पुलिस को भी उनकी बॉडी नहीं मिली तो सबको यकीन भी हो गया। जॉन फिर उसी साल क्रिसमस पर ऑस्ट्रेलिया लौटे। उन्हें यकीन था कि उन्हें कोई नहीं पकड़ पाएगा लेकिन उन्हें नहीं पता था कि पुलिस अभी भी उनकी तलाश में है।

अगस्त 1976 में उन्हें पकड़ लिया गया और सात साल की जेल भी हुई।

एना ग्रे: लड़के से पीछा छुड़ाने के लिए अपनाया यह रास्ता

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29 साल की एना ग्रे एक ऑनलाइन डेटिंग साइट पर एक आदमी से मिली थी और उन्होंने डेट करनै शुरू कर दिया। कुछ वक्त बाद उसे अहसास हुआ कि वे इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं है।

एना ने रिश्ता तोड़ने की कोशिश की लेकिन वो आदमी नहीं माना। एक दिन उस आदमी ने एना को मेसेज किया, 'मुझे लगता है हमें आज रात एक डेट पर जाना चाहिए। मैं 30 मिनट में तुम्हारे घर के पास आ रहा हूं।'

एना डर गई और एक घबराहट में एक गलत दम उठा लिया। उसने अपनी ही बहन बनने का नाटक किया और आदमी को मेसेज किया कि एना को एक गंभरी बीमारी के चलते बीती रात अस्पताल में भर्ती किया गया था।

जब आदमी ने एना से मिलने की जिद की तो उसने बोल दिया कि एना मर चुकी है। यह सुन कर आदमी ने उसे मेसेज करना बंद कर दिया और फिर कभी उसके पास जाने की बात नहीं की। हालांकि कुछ महीनों बाद उसने फिर से एना को डेटिंग साइट पर देखा। सोर्स- वंडरलिस्ट.कॉम।

मार्कस श्रेनकर: पुलिस से बचने के लिए कराया खुद का प्लेन क्रैश

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इंडियाना के रहने वाले मार्कस श्रेनकर एक वित्त प्रबंधक थे औऱ उनके ऊपर कुछ मामले दर्ज थे। 11 जनवरी 2009 को वे अपने प्लेन से इंडियाना से फ्लोरिडा के लिए रवाना हुए।

प्लेन को ऑटोपायलट पर सेट कर खुद पैराशूट से नीचे कूद गए और यह खबर फैल गई कि वे प्लेन क्रैश में मारे गए हैं। एलाबामा में वे लैंड किए और वहां की पुलिस की मदद से भाग निकलने में सफल रहे। पुलिस को असल मामले की जानकारी नहीं थी।

वे कुछ दिन क्विंसी कैम्प के टेंट में रहे जहां के मालिक को उनपर शक हुआ। उसे पुलिस से शिकायत की तो मामला खुल गया। 13 जनवरी 2009 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

अलीसन मटैरा: गिरिजाघर न जाने के लिए करा कैंसर का बहाना

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फ्लोरिडा की रहने वाली अलीसन मटैरा अपने दोस्तों के साथ मिलकर चर्च जाने वाले एक समुदाए का हिस्सा बनी तीं लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि वे वहां फंस गई हैं।

उन्हें समझ नहीं आया कि वे इस धार्मिक रिवाज के लिए मना कैसे करें तो उन्होंने नाटक किया कि वे कैंसर से पीड़ित हैं और मरने वाली हैं।

उन्होंने गिरिजाघर के समूह को इसकी जानकारी दी और एक साल तक चर्च जाने से बचती रहीं। साथ ही वे अपने इलाज की भी झूठी मूठी जानकारी देती रहती थीं।

18 जनवरी 2007 को उसने आखिरी चाल चली। उसने पादरी को बुलाया और नर्स बनकर शुद की मौत की खबर दी। इस पूरी कहानी पर यकीन कर लिया गया था।

लेकिन खुलासा तब हुआ जब वे अपने ही दाहसंस्कार में पहुंची और अपनी(अलीसन की) बहन होने का नाटक किया। सब उसे पहचान घए औऱ असलियत सामने आ गई।

केनेथ जैंगाजा: परिवार को भुखमरी से बचाने के लिए किया नाटक

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जिम्बाब्बे के रहने वाले पूर्व सेना के एक अफसर केनेथ जैंगाजा के घर के हालात ठीक नहीं थे। खाने के भी लाले पड़े थे और वो अपने परिवार को इस हालत में देख नहीं पा रहे थे।

उन्होंने अपनी पत्नी की इंश्योरेंस पॉलिसी का फायदा उठाने की सोची। केनेथ अपनी पत्नी के कागजातों और एक खत के साथ बैंक गए जिसमें उनकी मौत की पुष्टी की गई थी। पॉलिसी के मुताबिक केनेथ को 66,825 रुपए क्लेम के मिलने थे।

बैंक के आर्थिक सलाहकार एडमंड मलंगा पॉलिसी विभाग को सूचना देने ही वाले थे कि केनेथ ने कबूल कर लिया कि वे झूठ बोल रहे हैं।

कोर्ट में जालसाजी के मामले में जब न्यायधीश ने उनसे कारण पूछा तो उनका जवाब था,'' यू वर्शिप, मैं पैसे से खाना खरीदना चाहता था।''

जॉन डार्विन: कर्ज चुकाने के लिए खेला सारा खेल

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इंग्लैंड के जॉन डार्विन पेशे से टीचर और जेल अधिकारी थे। उन पर करोड़ों रुपए का कर्ज चढ़ा हुआ था। इस परेशानी से बाहर निकलने के लिए उन्होंने पत्नी की मदद से अपनी नकली मौत का प्लान बनाया।

21 मार्च 2002 को यह खबर फैल गई कि जॉन अपनी डोंगी से समंदर में गए थे और वहां डूब कर मर गए।

उनकी पत्नी को उनकी मौत पर इंश्योरेंस का पैसा मिल गया जिससे उन्होंने सारे कर्ज चुकाए। दोनों ने चुपचाप नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया।

1 दिसंबर 2007 को जॉन पुलिस के पास लौटे और दावा किया कि वे अपनी याद्दाश्त खो बैठे हैं। पूछताछ में पुलिस ने पाया कि जॉन झूठ बोल रहे थे और इस पूरे दौरान वे अपनी पत्नी के साथ ही थे।

गांदारुबन सुब्रमणयम: डूबते व्यापार ने करा डाला यह जुर्म

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गांदारुबन सुब्रमणयम का सिंगापुर में कार किराए पर देने का बिजनेस था। 1987 में उसका व्यापार ठप्प हो गया और उस पर काफी कर्ज चढ़ गया। इससे बचने के लिए वो सिंगापुर से श्रीलंका भाग गया जहां उसने अपने मर्डर की साजिश रची।

सुब्रमणयम ने एक गृह यूद्ध में शूट आउट के दौरान मारे जाने की नकली खबर फैलाई और वो अपना मृत्यु प्रमाण पत्र पाने में कामयाब भी रहा।

साथ में इंश्योरेंस कंपनी से उसे 1,67,13,750 रुपए मिलने थे। उन्होंने नकली पासपोर्ट बनवाया और अपनी ही पत्नी से फिर से शादी की।

लॉर्ड लुकान: गलती से हुआ दाई का कत्ल तो कर ली नकली आत्महत्या

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ब्रिटेन के रहने वाले लॉर्ड लुकान का असली नाम रिचर्ड जॉन बिंघम था। 7 नवंबर 1974 की रात उसने अपनी पत्नी को मारना चाहा था लेकिन गलती से गलती से परिवार की दाई की हत्या कर दी।

जब उसे अपनी गलती का अहससा हुआ तो वह अपने दोस्त के घर भाग गया।

दोस्त ने उसे निर्दोष समझ कर उसकी मदद की। लुकान ने न्यूहैवन के तट पर अपनी कार छोड़ दी और नाटक किया कि उसने आत्महत्या कर ली है। वे कभी पकड़ में नहीं आया, हालांकि उसे कई बार दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड में देखा गया था।

विलियम ग्रोथ: इंश्योरेंस का पैसा पाने के लिए खुद को बताया अपना कातिल

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फ्रैंकलिन के रहने वाले विलियम ग्रोथ के पास 1 मिलियन की इंश्योरेंस पॉलिसी थी। वो पैसा पाने के लिए उसने अपनी पत्नी के साथ अपनी नकली मौत का खेल रचा।

19 नवंबर 2008 को उकी पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसका पति गायब है। जब पुलिस ने उसकी खोज की तो एक नदी के पास उसका बटुआ औऱ लेदर की जैकेट मिली।

पुलिस को अपनी मौत पर और यकीन दिलाने के लिए उसने पुलिस को एक कॉल की और बोला कि वह विलियम का कातिल बोल रहा है।

पुलिस ने उस कॉल और विलियम की असली आवाज को मैच कराया तो सारा सच सामने आ गया। पुलिस ने उसे मॉन्टाना के मिसॉला में पकड़ा। उसे $13,000 भी चुकाने पड़े जो उसकी तलाश में खर्च हुए थे।

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