भ्रूण परीक्षण में मिली बेटी तो करा दिया कत्ल
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पहले दहेज के लिए सितम ढाए तो भ्रूण परीक्षण में लड़की होने का पता चलते ही ससुराल वालों ने घर की लक्ष्मी का गर्भपात करा डाला। अपने ही खून का कत्ल कराने वाले पिता का भी जमीर नहीं जागा। विरोध करने पर पत्नी को बेरहमी से पीट गया। मामला मेरठ का है।
मायके वाले उसे गंभीर हालत में अपने साथ ले गए। शुक्रवार को उसी हालत में परिजनों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची पीड़िता ने जब इस भयावह हकीकत को बयां किया तो सभी स्तब्ध रह गए।
पीड़िता ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सीओ महिला ने एसओ महिला थाना को महिला का मेडिकल परीक्षण कराने और जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित महिला की हालत नाजुक
थाना इंचौली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने सीओ वंदना मिश्रा को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी जून 2014 में मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र निवासी एक युवक से की थी। आरोप है कि उसकी बेटी का पति पहले से शादीशुदा था, लेकिन उन्हें इस संबंध में पहले नहीं बताया गया था।
शादी के बाद से पति अपने घरवालों के साथ मिलकर उसकी बेटी को दहेज के लिए परेशान करता था। बेटी जब गर्भवती हुई तो ससुराल वालों ने उसका भ्रूण परीक्षण कराया। गर्भ में बेटी होने की बात पता चलने पर उन्होंने जबरन गर्भपात करा दिया। बेटी ने विरोध किया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। बेटी ने किसी तरह अपने मायके इसकी सूचना भिजवाई तो वे 30 जुलाई को बेटी की ससुराल पहुंचे और थाना रतनपुरी को जानकारी देते हुए बेटी को मायके ले आ आए। गर्भपात कराने और मारपीट के कारण बेटी की हालत नाजुक बनी है।
पिता का आरोप है कि ससुराल वालों ने बीती 6 अगस्त को उनके घर पर आकर कोई कार्रवाई न करने की धमकी दी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। सीओ वंदना मिश्रा ने पीड़िता की हालत को देखते हुए एसओ महिला थाना रश्मि चौधरी को उसका मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए।