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भ्रूण परीक्षण में मिली बेटी तो करा दिया कत्ल

Sat, 08 Aug 2015 03:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 08 Aug 2015 03:00 PM IST
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people of in laws aborted the woman due girl child

पहले दहेज के लिए सितम ढाए तो भ्रूण परीक्षण में लड़की होने का पता चलते ही ससुराल वालों ने घर की लक्ष्मी का गर्भपात करा डाला। अपने ही खून का कत्ल कराने वाले पिता का भी जमीर नहीं जागा। विरोध करने पर पत्नी को बेरहमी से पीट गया। मामला मेरठ का है।

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मायके वाले उसे गंभीर हालत में अपने साथ ले गए। शुक्रवार को उसी हालत में परिजनों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची पीड़िता ने जब इस भयावह हकीकत को बयां किया तो सभी स्तब्ध रह गए।
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पीड़िता ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सीओ महिला ने एसओ महिला थाना को महिला का मेडिकल परीक्षण कराने और जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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पीड़ित महिला की हालत नाजुक

people of in laws aborted the woman due girl child

थाना इंचौली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने सीओ वंदना मिश्रा को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी जून 2014 में मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र निवासी एक युवक से की थी। आरोप है कि उसकी बेटी का पति पहले से शादीशुदा था, लेकिन उन्हें इस संबंध में पहले नहीं बताया गया था।

शादी के बाद से पति अपने घरवालों के साथ मिलकर उसकी बेटी को दहेज के लिए परेशान करता था। बेटी जब गर्भवती हुई तो ससुराल वालों ने उसका भ्रूण परीक्षण कराया। गर्भ में बेटी होने की बात पता चलने पर उन्होंने जबरन गर्भपात करा दिया। बेटी ने विरोध किया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। बेटी ने किसी तरह अपने मायके इसकी सूचना भिजवाई तो वे 30 जुलाई को बेटी की ससुराल पहुंचे और थाना रतनपुरी को जानकारी देते हुए बेटी को मायके ले आ आए। गर्भपात कराने और मारपीट के कारण बेटी की हालत नाजुक बनी है।

पिता का आरोप है कि ससुराल वालों ने बीती 6 अगस्त को उनके घर पर आकर कोई कार्रवाई न करने की धमकी दी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। सीओ वंदना मिश्रा ने पीड़िता की हालत को देखते हुए एसओ महिला थाना रश्मि चौधरी को उसका मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए।

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