तांत्रिक के चक्कर में सोनू बन गया हैवान, रेप के बाद कर चुका 4 बच्चियों की हत्या
मथुरा में फरह थाना क्षेत्र के गांव परखम में मंगलवार को 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने और पत्थरों से कुचल कर उसकी हत्या करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस से नाउम्मीद ग्रामीण खुद ही घटना खोलने में जुट गए थे और उन्होंने आरोपियों को खोज भी निकाला।
बालिका के साथ हुई दरिंदगी की दास्तां और पूर्व में हुई घटना के खुलासे के बाद उनका गुस्सा भड़क उठा। कानून अपने हाथ में लेते एक को सजा ए मौत दे दी तो दूसरे को भी पीट पीट कर घायल कर दिया था। मंगलवार सायं बालिका के गायब होने के बाद गांव के कुछ तेज तर्रार युवकों से सुरागरशी कराई तो एक ने बताया कि उसने ललुआ को बालिका को कुछ पैसे देते हुए देखा था।
इसके बाद ललुआ से पूछताछ की तो उसने सोनू के द्वारा पैसे देने की बात कही। इस पर ग्रामीणों ने दोनों को अलग अलग किया और उनसे अलग-अलग तरीके से पूछताछ की। एक दूसरे की बातों में दोनों उलझ गए और अपने जुर्म का इकबाल कर लिया। चार साल पूर्व ननिहाल में आई बालिका व दो साल पूर्व हुई बालिका की हत्या का राज भी ग्रामीणों ने उन्हें पीट पीट कर उगलवा लिया।
तांत्रिक के चक्कर में सात की लेना चाहता था जान
परखम में 12 साल की मासूम बच्ची से रेप के बाद हत्या का आरोपी सोनू वाल्मीकि (32) पहले भी बलात्कार के मामले में जेल जा चुका है। हालांकि थाने में इसका कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। गांव वालों की मानें तो वह झाड़-फूंक के चक्कर में पड़कर इंसान से हैवान बन गया है।
उसकी पत्नी के सिर पर जिन्न का साया बताकर एक तांत्रिक ने उससे सात बच्चियों का खून करने के लिए कह दिया। इसी चक्कर में उसने ललुआ के साथ मिलकर चार लड़कियों की रेप के बाद हत्या की। गुस्से से भरी भीड़ की पिटाई से अधमरा होने से पूर्व उसने अपना गुनाह कुबूल किया। तीन लड़कियां तो इसी गांव की हैं अन्य के बारे में उसने खुलासा नहीं किया। आशंका है कि चौथी लड़की भी आसपास के किसी गांव की है।
पुलिस के सूत्र भी यही बता रहे हैं कि मंगलवार को 12 साल की बिटिया की लाश मिलने के बाद जब ललुआ और सोनू से सख्ती से पूछताछ हुई तो दोनों ने गांव में हुई इस तरह की तीन वारदातें कुबूल की। सोनू दो थप्पड़ लगते ही कहने लगा कि गलती उसकी नहीं, तांत्रिक बाबा की है, जिसने उसे सात बच्चियों का खून करने की सलाह दी थी।
संतान पाने के लिए की बच्चियों की हत्या
उसने बताया कि उसकी दो संतान हुईं, एक बेटा और एक बेटी। दोनों की मृत्यु हो गई। उसकी पत्नी को मानसिक रोग हो गया। उसने बडे़-बड़े डाक्टरों को दिखाया, आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में भी उपचार कराया था। जब वह ठीक नहीं हुई, तो गांव वाले उस पर भूत-प्रेत का साया बताने लगे।
वह उसे गांव के ही एक तांत्रिक के पास ले गया। उसने बताया कि उस पर जिन्न का साया है, जो सात बच्चियों का खून मांग रहा है। इस चक्कर में आकर वह ललुआ के सात मिलकर बच्चियों की जान लेने लगा।
उसने गांव की तीन घटनाओं के अलावा पास के गांव में एक वारदात कुबूल की थी। हालांकि उसकी पूरी जानकारी नहीं दी। मंगलवार को पहुंचे आला पुलिस अफसरों को भी गांव वालों ने यही बात बताई। उनका कहना था कि अगर ललुआ और सोनू का पीट-पीटकर यह हाल न किया जाता तो अभी तीन और बच्चियां उनकी हैवानियत की शिकार बनतीं।
बाबा के पास गया था, पर खून नहीं किए
एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती सोनू वाल्मीकि ने अमर उजाला संवाददाता को बताया कि यह सही है कि उसकी पत्नी मानसिक रोगी है और वह तांत्रिक बाबा के पास उसे ले गया था। एक बाबा ने उस पर जिन्न का साया बताया था। लेकिन बच्चियों का खून किए जाने के सवाल पर सोनू का जवाब है कि यह झूठ है। रेप के आरोप में 15 साल पहले जेल जाने के बारे में पूछे जाने पर उसने चुप्पी साध ली।
झाड़ियों में बनाया था अय्याशी का अड्डा
12 साल की बालिका से रेप के बाद हत्या की रोंगटे खड़े कर देने वाली वहशियाना वारदात अचानक से नहीं हुई। इसकेलिए पहले से तैयारी की गई थी। जिस जगह पर बच्ची की लाश मिलीं, वहां अय्याशी का अड्डा बना हुआ था। कंटीली झाड़ियों से ढके इस गड्ढे में पहुंचने के लिए रास्ता भी ऐसा बनाया गया था, जिसका पता सिर्फ आरोपियों को था।
रेलवे स्टेशन के नजदीक इंटर कॉलेज से सटी इस जगह पर दीवार से सटाकर यह रास्ता बनाया गया। यह झाड़ियों से ढका है, इसलिए नजर नहीं आता। इन घनी झाड़ियों के बीच ही एक जगह अय्याशी के लिए तैयार की गई। यहां झाड़ियां कटी हुई हैं, जमीन को साफ करके लंबी घास बिछाई गई है।
गांव के लोगों ने बताया कि यहीं पर बच्चियों को बहला फुसलाकर लाया जाता था। इसके बाद उनसे रेप किया जाता था। जिन तीन बच्चियों ने विरोध किया, उनकी हत्या कर दी गई। आरोपियों के पड़ोस की महिलाएं भी यही कह रही हैं कि दोनों ने बहुत बुरा किया। सोनू के बारे में उनका कहना है कि वह भांग का नशा करता था। यह नहीं पता था कि एक दिन ऐसा कांड कर देंगे कि पूरी बस्ती का सिर शर्म से झुक जाएगा।
रेलवे ने नहीं कटने दी झाड़ियां
ललुआ के पिता रेलवे में सफाईकर्मी हैं। वे अस्वस्थ रहते हैं, ललुआ उनकी जगह काम पर जाता था। जिन झाड़ियों में अय्याशी का अड्डा मिला, वे भी रेलवे की जमीन पर बताई जाती हैं। गांव के लोग इन्हें जब भी काटने की कोशिश करते, रेलवे स्टेशन के अधिकारी उन्हें रोक देते। मंगलवार को बच्ची की लाश मिलने के बाद पुलिस अफसरों के कहने पर बुधवार को इन्हें काटने का काम शुरू हुआ।
150 गांववालों पर मामला दर्ज
पुलिस चौकी से खींचकर आरोपी ललुआ को पीट पीटकर मारने और सोनू को मरणासन्न हालत में पहुंचाने के मामले में सोनू के पिता श्याम वाल्मीकि ने 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें गैर इरादतन हत्या और जानलेवा हमले की धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। गांव में भारी तनाव के चलते पुलिस बल तैनात है। गांव वालों के हमले के बाद घर छोड़कर भागे वाल्मीकि बस्ती के 20 परिवार बुधवार की रात तक भी दहशत के चलते वापस नहीं आए।
उधर, गांव के लोगों ने पुलिस को बताया है कि ललुआ और सोनू वाल्मीकि पहले भी दो बच्चियों की रेप के बाद हत्या कर चुके थे। इस पर भी पुलिस सोनू से पूछताछ करेगी। फिलहाल वह पुलिस अभिरक्षा में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। पुलिस उसके ठीक होने का इंतजार कर रही है। यह भी बात सामने आई है कि सोनू तंत्र मंत्र के चक्कर में पड़कर बालिकाओं की हत्या कर रहा था। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने इस बिंदु पर भी जांच के आदेश फरह थाना पुलिस को दिए हैं।
उधर, पुलिस को बालिका और ललुआ के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। बालिका के शव पर चोटों के 12 निशान मिले हैं तो ललुआ को भी पीट पीटकर मारे जाने की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि परखम से सोमवार शाम लापता हुई 12 साल की बच्ची की लाश मंगलवार सुबह इंटर कॉलेज के पास झाड़ियों से ढके गहरे गड्ढे में बरामद हुई थी।
सोनू और ललुआ सोमवार शाम उसके साथ देखे गए थे। बालिका का शव मिलने के बाद जब दोनों ने अपना जुर्म कुबूल लिया तो लोगों ने दोनों को बुरी तरह पीटा था। इसमें ललुआ की मौत हो गई थी जबकि सोनू मरणासन्न हालत में पहुंच गया था। डीआईजी लक्ष्मी सिंह का कहना है कि गांव वालों से मिली नई जानकारी के आधार पर भी जांच कराई जा रही है। गांव के हालात सामान्य हो रहे हैं।
घायल सोनू के ठीक होने का है इंतजारः डीआईजी
परखम कांड में सामने आई चौंकाने वाली जानकारियों पर डीआईजी लक्ष्मी सिंह का कहना है कि पुलिस घायल सोनू के ठीक होने का इंतजार कर रही है। उससे पूछताछ के बाद ही तस्वीर पूरी तरह से साफ हो पाएगी।
उन्होंने बताया कि गांव में बच्चियों की रेप के बाद हत्या की दो घटनाएं पहले भी हो चुकी थीं, इसकी जानकारी गांव वालों ने दी है। यह भी बताया है कि दोनों वारदातों सोनू और ललुआ ने ही की थी। इस पर जांच पड़ताल चल रही है।
उन घटनाओं में नामजद रिपोर्ट कराई गई थी। गांव वालों का कहना है कि नामजदगी गलत हुई थी, पुलिस इसे भी देख रही है। सोनू के पहले भी रेप में जेल जाने के सवाल पर उनका कहना है कि इसके लिए रिकार्ड चेक कराया जाएगा। डीआईजी से पूछा गया कि क्या सोनू तंत्र मंत्र के चक्कर में हत्या कर रहा था? इस पर उनका जवाब था कि यह आरोप गांव वालों ने लगाया है, इसकी भी जांच कराई जा रही है।