कर्नाटक के सीएम पर गिरा 'चॉकलेट बम', मचा हड़कंप
आप कहेंगे क्राइम भी कहीं मजेदार होता है? जी नहीं, दरअसल वाकया मजेदार निकला। जरा सोचिए, आपके ऊपर अचानक से आकर कोई चीज गिरे, और सामने से आवाज आए 'बम'। ऐसे में आप क्या करेंगे? जाहिर है, अचानक ऐसी घटना से क्षणिक ही सही, हाथ-पैर फूल जाएंगे और कलेजा मुंह को आ जाएगा।
ठीक ऐसा ही हुआ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ जब वे एक किताब का विमोचन करने बेंगलुरू के कलाक्षेत्र पहुंचे हुए थे।
सीएम सिद्धारमैया ऑडिटोरियम में लोगों को भाषण दे रहे थे। तभी के ऑडीटोरियम की बालकनी में खड़े 30 वर्षीय बीएच प्रसाद ने उन पर चॉकलेट का एक पैकेट उछाल दिया और 'बम' की अफवाह फैला दी। पैकेट की पैकिंग लाल रंग में थी इसलिए देखते ही अफरा-तफरी फैल गई। जिसको जहां जगह मिली वहीं दुबक गया। बेचारे सीएम साहब क्या करते, उनके पसीने छूट गए।
लेकिन जब पैकेट को खोलकर देखा गया तो सबकी हंसी छूट गई। पैकेट में चॉकलेट्स थीं। पुलिस ने सीएम पर चॉकलेट फेंकने वाले शख्स को दबोचने में देर नहीं लगाई।
सियासत में नहीं आ पाया, इसलिए कर दिया ये काम!
हालांकि ये बात चश्मदीदों ने मीडिया को बताई। पुलिस ऐसी घटना से इन्कार करती रही। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक चश्मदीदों ने बताया कि सीएम के ऊपर चॉकलेट पैकेट फेंकने वाला शख्स उनके भाषण के दौरान बॉलकनी से चिल्लाने लगा और कहने लगा कि उन्होंने उसके सविता समाज के लिए किया क्या है? और इतना कहते हुए उसने पैकेट सीएम के ऊपर उछाल दिया।
पुलिस ने बाद में मीडिया को जानकारी दी कि सीएम पर चॉकलेट से हमला करने वाला बीएच प्रसाद बीबीएमपी फॉरेस्ट विंग का कर्मचारी है। वह राजनीति में आना चाहता था। लेकिन सियासी आकांक्षाएं पूरी न होने पर कुंठित हो गया और मौका पाते ही ऐसी मूर्खतापूर्ण हरकत कर डाली।
पुलिस ने हालांकि आरोपी को शाम तक थाने में बैठाए रखा फिर जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस ने आरोपी की पत्नी को पूछताछ के लिए समन भेजा। वहीं पुलिस इस हरकत के लिए आरोपी को किसी मनोरोगी के पास ले जाने के भी पक्ष में है।
सीएम ने दिखाया बड़प्पन
वहीं सारे बखेड़े को सीएम सिद्धारमैया ने लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ा है। यही नहीं, उन्होंने सविता समाज की तरफ ध्यान देने का आश्वासन भी दिया।
इस वारदात से कुछ ही दिन पहले सीएम सिद्धारमैया अपनी बेशकीमती कलाई घड़ी को लेकर विवादों में आ गए थे। स्थानीय सियासी नेता ने आरोप लगाया था कि सिद्धारमैया 70 लाख रुपए की घड़ी पहनते हैं तो फिर गरीबों की परवाह कैसे कर सकते हैं।
वहीं पूरी घटना पर कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया दी कि अगर कोई उनके ऊपर चॉकलेट फेंककर उनसे नफरत करता है, तो वे उसका स्वागत करेंगे।