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उस रात हुआ एक और गैंगरेप, पर FIR नहीं!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 16 Dec 2013 12:27 PM IST
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साल भर पहले दिल्ली पुलिस को बिटिया गैंगरेप की सूचना मिलने के ठीक तीन घंटे बाद एक और गैंगरेप की जानकारी मिली थी। पहले गैंगरेप में जहां दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई, वहीं गैंगरेप की दूसरी घटना में आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
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पहले गैंगरेप की तरह दूसरी घटना में भी महिला को चलती बस से फेंक दिया गया था। लेकिन पुलिस ने इस मामले में न तो पीड़िता की मेडिकल जांच कराई और न ही उस गाड़ी की तलाश की, जिसमें यह घटना हुई थी।
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एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह खुलासा जस्टिस ऊषा मेहरा कमीशन की रिपोर्ट में हुआ है। यह कमीशन 16 दिसंबर को हुए बिटिया गैंगरेप की घटना में दिल्ली पुलिस से हुई चूक की जांच के लिए बनाया गया था। कमीशन ने अपनी रिपोर्ट 22 फरवरी 2013 को केंद्र सरकार को सौंपी।
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कमीशन ने रिपोर्ट में कहा है कि दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के कंट्रोल रुम के लॉगबुक और डायरी रजिस्टर में यह सूचना लिखी मिली कि 16-17 दिसंबर की रात 1.15 बजे दो से तीन लोगों ने चलती बस में एक महिला से रेप किया और उसे मारा-पीटा। उसके बाद महिला से बैग छीनने के बाद उसे चलती बस से फेंक दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना में न तो महिला का मेडिकल जांच कराई गई और न ही दोषियों को पहचान कर गिरफ्तार किया गया।
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