फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   new juvenile act of india in rajya sabha

भारत के मुकाबले कितने कठोर हैं दुनिया के जुवेनाइल कानून?

Wed, 23 Dec 2015 08:18 AM IST
अलखराम सिंह/अमर उजाला, दिल्ली
अलखराम सिंह/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 23 Dec 2015 08:18 AM IST
विज्ञापन
new juvenile act of india in rajya sabha

देश के बहुचर्चित दिल्ली रेपकांड का नाबालिग दोषी रविवार को रिहा हो गया जिससे देश में मौजूद नाबालिग न्याय कानून यानी जेजे एक्ट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है।

विज्ञापन

नाबालिग की रिहाई का विरोध कर रहे लोगों का तर्क है कि जब कोई नाबालिग इतनी वीभत्सता से अपराध को अंजाम दे सकता है तो उसे निर्दोष कैसे माना जा सकता है। उसे सजा क्यों नहीं दी जा सकती।

विज्ञापन

खास बात यह भी है कि निर्भयाकांड के बाद जेजे एक्ट में मौजूद नाबालिग अपराधियों की उम्र को लेकर विवाद खड़ा हुआ तो उस वक्त की सरकार ने जस्टिस वर्मा समिति का गठन किया जिसने जेसे एक्ट में संशोधन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जस्टिस वर्मा के इन्हीं सुझावों के आधार पर नाबालिग अपराधी की उम्र दो साल घटाकर 16 करने के साथ नए जुवेनाइल कानून का मसौदा तैयार किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस कानून को वर्तमान सरकार ने मई 2015 में लोकसभा पास कराने के बाद अब मंगलवार को राज्यसभा में पास करा दिया। भारत का यह नया कानून दुनिया के कुछ प्रमुख देशों में मौजूद सख्त कानूनों में से एक हो जाएगा। जानिए दुनिया के प्रमुख देशों के किशोर कानूनों में क्या-क्या प्रावधान हैं।

अमेरिका का जुवेनाइल कानून

new juvenile act of india in rajya sabha

संयुक्त राज्य अमेरिका में किशोर या बाल अपराधियों के ल‌िए कोई एक कानून नहीं बल्कि यहां के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग किशोर कानून हैं। कुछ राज्यों में 6 से 10 वर्ष के बच्चों को ही बाल अपराधी माना जाता है जिन्हें किसी प्रकार की सजा नहीं होती।


लेकिन यहां के अधिकांश राज्यों में 16, 17 और 18 साल की उम्र के बाद वाले अपराधियों को वयस्क अपराधी माना जाता है। न्यूयार्क और नॉर्थ कैरोलिना में 17 साल से कम उम्र के किशोर अपराध‌ियों को सजा के तौर पर काउंसिलिंग और सुधारगृह भेजने की व्यवस्‍था है। वहीं फ्रांस में बाल अपराध‌ियों के लिए अमेरिका से शख्स कानून उपलब्‍ध है।

फ्रांस का जुवेनाइल कानून

new juvenile act of india in rajya sabha

बच्चों, किशोरों के लिए बने सख्त कानूनों में से एक फ्रांस का कानून है। यहां सात-आठ साल के बच्चे को किसी प्रकार का अपराधी नहीं माना जाता क्योंकि वे बुरे भले के बारे में नहीं सोच सकता।


यहां आठ साल से 13 साल के बाल अपराधी को क‌िशोर अपराधी के तौर पर माना जाता है जिसे सजा के तौर पर कुछ दिन के लिए सुधारगृह भेजने या विशेष शिक्षा दिलाने की व्यवस्‍था है।


फ्रांस के जुवेनाइल कानून की खास बात यह है कि 13 से 18 साल के किशोर अपराधियों को अपराध की गंभीरता के हिसाब से सजा देने का प्रावधान है। इस उम्र का कोई किशोर य‌दि जघन्‍य अपराध करता है तो उसे सजा के लिए वयस्क माना जाएगा जबकि हल्‍के अपराध करने पर सुधारगृह भेजने या काउंलिंग कराने की व्यवस्‍था है।

ब्रिटेन में जुवेनाइल कानून

new juvenile act of india in rajya sabha

बिट्रेन में नाबालिग अपराध‌ियों की उम्र की बात करे तो यहां 1998 तक 10 से 13 साल तक बच्चों को ही बाल अपराधी माना जाता था और उन्हें किसी प्रकार की सजा नहीं दी जाती थी लेकिन बाद में यहां 10 से 17 साल तक के किशोर को नाबालिग अपराधी माना गया। 


ब्रिटेन में 10 से 17 साल के अपराध‌ियों को गंभीर अपराध करने पर कुछ समय के लिए सुधारगृह भेजने या काउंसिलिंग कराने का प्रावधान है।


जबकि 17 साल से अधिक उम्र के अपराध‌ियों को किसी भी प्रकार का अपराध करने में कोई रिहाई नहीं है।

चीन में जुवेनाइल कानून

new juvenile act of india in rajya sabha

नाबालिग अपराधियों के मामले में चीन में भी कानूनों में से एक कानून मौजूद है।


यहां 14 साल से 18 साल तक के किशोरों को नाबालिग अपराधी के तौर पर माना गया है लेकिन अत्यंत गंभीर अपराध करने पर नाबालिग अपराधी को भी आजीवन करावास की सजा का प्रावधान है।


खास बात यह भी है कि 2012 में हुए यहां के जुवेनाइल कानून में सुधार के बाद 14 साल से कम उम्र के बच्चे को अपराधी नहीं माने जाने की व्यवस्‍था की गई है।

रूस में जुवेनाइल कानून

new juvenile act of india in rajya sabha

रूस में भी नाबालिग अपराध‌ियों की आयुसीमा और सजा भारत की अपेक्षा सख्त है। यहां गंभीर अपराध करने वाले 14 साल तक के बच्चे को नाबालिग अपराधी के तौर पर माना जाता है।


जबकि 14 से 16 तक की उम्र में साधारण अपराध करने पर सुधारगृह भेजने का प्रावधान है। यहां के कानून की खास बात यह है अगर अपराध करने के वाले की उम्र 14 से 16 के बीच है और उसने गंभीर अपराध किया है तो उसे वयस्क अपराध‌ियों की भांति ही सजा दी जाने की व्यवस्‍था है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed