तोते ने खोला मालकिन के कत्ल का राज!
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आपने सड़क के किनारे तोते की मदद से भविष्य बांचते ज्योतिषी को देखा होगा। लेकिन यहां मामला कुछ जुदा है। अपनी प्यारी मालकिन की हत्या होते देखकर पिंजरे में बंद मिट्ठू बहुत फड़फड़ाया मगर कुछ नहीं कर पाया।
लेकिन बाद में उसके संकेतों ने पुलिस को हत्यारोपी तक पहुंचा दिया। मिट्ठू से जब मालिक ने पूछा तो उसने आशू के नाम पर हामी भरी। विजय शर्मा की पत्नी नीलम को पशु पक्षियों से बेहद लगाव था। पालतू तोता मिट्ठू तो नीलम का चहेता था।
मालकिन को बहुत लगाव था..
अजय शर्मा ने बताया कि मिट्ठू अपनी मालकिन के साथ ही खाना खाता था। वह पिंजरे के बाहर ही रहता था। कई दफा उसे बंद करना पड़ता था। मिट्ठू को नीलम से इतना लगाव था कि उनकी हत्या के बाद कई दिन तक उसने कुछ खाया पिया ही नहीं था। वह कई दिन से गुमसुम था।
मिट्ठू बातें भी करता हैं। घरवालों को नाम लेकर पुकारता है। मालकिन की हत्या के बाद जब भी आशू घर आता, मिट्ठू पिंजरे में जा दुबकता। घंटों गुमसुम हो जाता। इस पर घरवालों ने तोते से पूछा कि मिट्ठू घर कौन आया था तो वह खामोश हो जाता।
भतीजे ने ही किया कत्ल
अजय शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने दो दिन पहले उसे गाली दी तो वह भी पलटकर गाली देता था। लेकिन इस दफा उसने जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने शक के दायरे में आए आरोपियों के नाम लेकर पूछा कि मिट्ठू नीलू को किसने मारा, सभी नामों पर मिट्ठू खामोश रहा।
आशू का नाम लेते ही मिट्ठू बोलने लगा। उसने मारा। तोते की इस गवाही पर घरवालों का आशू पर शक पक्का हो गया।
पुलिस ने पहले भी आशू को हिरासत में लेने की बात कही थी, लेकिन घरवालों ने मना कर दिया था। बाद में उन्होंने आशू को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की रजामंदी दे दी। इसके बाद ही हत्याकांड का खुलासा संभव हो सका।
वफादार टफी भी जान पर खेल गया
हत्यारोपियों ने नीलम के साथ ही जर्मन शेफर्ड नस्ल के पालतू कुत्ते टफी को भी मार डाला था। टफी भी कम वफादार नहीं निकला। मालिक ने बताया कि जब आशू और उसके साथी मैसी नीलम पर हमलावर हो गए तो वह आरोपियों पर चढ़ बैठा।
उसने भौंक-भौंककर घर को सिर पर उठा लिया। आशू की उंगली में काट खाया। इस पर आरोपियों ने टफी को भी निपटा दिया था।