बहुओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं देश के ये बड़े राज्य!
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देश के दो बड़े ऐसे राज्य जिनकी राजनीतिक स्थित से राष्ट्रीय राजनीति प्रभावित होती है उन राज्यों की स्थिति बहुओं की सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से जारी किए गए आंकडों में उत्तर प्रदेश और बिहार दहेज के लिए बहुओं को प्रताड़ित या हिंसा करने में रिकॉर्ड कायम कर लिया है।
2014 में देश के 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में दहेज रोकथाम कानून 1961 के तहत कुल 10050 मामले दर्ज हुए हैं जिनमें बिहार में सबसे ज्यादा 2203 मामले दर्ज हुए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 2133 मामले सामने आए हैं। दहेज को लेकर बिहार में दर्ज मामले देश भर के मामलों का 4.5 प्रतिशत है वहीं उत्तर प्रदेश का औसत देशभर के मामलों का 2.1 प्रतिशत है।
उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा दहेज मांगने वाले राज्यों में कर्नाटक नाम सामने आया है। कर्नाटक में कुल 1730 मामले दर्ज किए गए हैं जो देश में देश में दर्ज हुए मामलों का 5.7 प्रतिशत है।
दहेज अपराध में ये राज्य भी हैं आगे
यूपी, बिहार और कर्नाटक के बाद दहेज में सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए है झारखंड में। यहां दहेज के कुल 1538 मालले दर्ज हुए लेकिन राज्य की जनसंख्या के आकारके आधार में देखा जाए तो यहां देश में सबसे ज्यादा दहेज के मामले सामने आए हैं। झारखंड में दर्ज में मामले देश में दर्ज मामलों का 9.6 प्रतिशत है।
झारखंड के बाद पांचवे नंबर पर दहेज के अपराध में ओडिशा का नाम सामने आया है। ओडिशा में 646 2014 के दौरान 646 मामले सामने आए हैं जो देश में हुई दहेज की घटनाओं का 3.1 प्रतिशत है।
इन राज्यों के बाद क्रमशः तेलांगाना और आंध्रप्रदेश हैं। इन राज्यों में क्रमशः 563 और 468 मामले सामने आए हैं।