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दो साल का इंतज़ार, कहां गई नवरुणा?

Thu, 18 Sep 2014 01:41 PM IST
Updated Thu, 18 Sep 2014 01:41 PM IST
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Navruna kidnapping, MUZAFFARPUR

मुजफ्फरपुर की बहुचर्चित नवरुणा अपहरण कांड को आप शायद भूल गए होंगे लेकिन नवरुणा के माता-पिता अतुल्य चक्रवर्ती और मोइत्री चक्रवर्ती को आज भी है अपनी प्यारी बेटी का इंतज़ार।

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12 साल की नवरुणा का अपहरण हुए आज दो साल बित गये, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चला। आखिर कहां गई नवरुणा। नवरुणा के माता-पिता के साथ ही राज्य के हर एक नागरिक के बीच एक सवाल बन कर खड़ा है।
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पिछले दो साल से पुलिस, प्रशासन और नेताओं के घर के चक्कर लगा-लगाकर अतुल्य चक्रवर्ती और मोइत्री चक्रवर्ती परेशान हो गए हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।

मुज़फ़्फ़रपुर पुलिस के बाद मामला बिहार पुलिस की अपराध अनुसंधान शाखा (सीआईडी) को सौंपा गया। लेकिन सीआईडी अधिकारियों के हाथ भी कुछ नहीं आया।

रहस्यमय ढ़ंग से गायब हुई थी नवरुणा

Navruna kidnapping, MUZAFFARPUR

नवरुणा के परिजनों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। लेकिन अभी तक उनकी बेटी का कुछ पता नहीं चल पाया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर ये मामला फरवरी 14 में सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने इस बहुचर्चित अपहरण कांड की जांच शुरू कर दी लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई।

18 सितंबर 2012 की रात 12 साल की छात्रा नवरुणा अपने मुजफ्फरपुर स्थित चक्रवर्ती लेन से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई थी। जिस कमरे में नवरुणा सो रही थी, उसकी खिड़की का रॉड निकला हुआ था।

अगले दिन उसके पिता अतुल्य चक्रवर्ती ने बेटी के अपहरण की आशंका जताते हुए मुजफ्फरपुर टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। तहकीकात के दौरान मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक महीने बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन नवरुणा का सुराग नहीं मिला।

उसे आज भी है बेटी का इंतज़ार

Navruna kidnapping, MUZAFFARPUR

नवरुणा की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने उसके स्कूल के प्राचार्य से लेकर दोस्तों से भी पूछताछ की थी। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। मामला गंभीर होता देख तत्कालीन एसएसपी राजेश कुमार ने नगर थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद को 22 अक्तुबर को केस का प्रभार लेने का आदेश दिया था।
 
26 नवंबर को नवरुणा के घर के पास नाले से कंकाल मिला। उसी दिन एसएसपी राजेश कुमार ने ब्लड सेंपल देने के लिए नवरुणा के माता-पिता से आग्रह किया था। आशंका जताई गई कि कंकाल नवरुणा का है, लेकिन उनके माता- पिता के डीएनए जांच कराने से इनकार करने के कारण स्थिति आज तक साफ नहीं हो सकी।

इस बीच नवरुणा के माता-पिता की लगातार मांग पर मामला सीआईडी को सौंपा गया। बेटी की बरामदगी को लेकर पिछले वर्ष नवरुणा की मां तत्कालिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मिली थी। इसके बाद राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की।

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'हमारा दुख समझने वाला कोई नहीं है'

Navruna kidnapping, MUZAFFARPUR

इससे पहले बीबीसी से एक बातचीत में नवरुणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती कहते हैं, मैं दिल का मरीज़ हूँ और मुझे नहीं पता कि मैं कैसे अभी तक ज़िंदा हूँ। मुझे तो लगता है कि कोई ईश्वरीय शक्ति है, जो मुझे इतने समय तक ज़िंदा रखे हुए हैं।

पुलिस तंत्र काम नहीं कर रहा है, हम लोगों का दुख समझने वाला कोई नहीं है।" बीबीसी के साथ बातचीत में अतुल्य चक्रवर्ती ने कहा कि वे नहीं मानते कि वो कंकाल उनकी बेटी का था, क्योंकि पुलिस ने इस बारे में बार-बार अपना बयान बदला है। उन्होंने कहा कि पहले हड्डी का डीएनए टेस्ट हो, उसके बाद वे अपना ख़ून देंगे।

वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र अभिषेक रंजन ने भी नवरुणा की सकुशल वापसी के लिए अभियान चलाया हुआ है। एक साल के दौरान कई बार उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन किया है, अधिकारियों और मंत्रियों के घर के चक्कर लगाए हैं और सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाख़िल की है।

फ़ेसबुक पर SAVE Navruna के नाम से वे अभियान चला रहे हैं, जिस पर उन्हें लोगों का अच्छा समर्थन मिला है। उन्हें अमेरिका, अरब देशों और ब्रिटेन तक से लोग संपर्क करके नवरुणा के बारे में जानकारी मांगते हैं।

सवाल अभी भी सवाल ही हैं

Navruna kidnapping, MUZAFFARPUR

लेकिन अब वे भी निराश हैं। बीबीसी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "मुझे डर लग रहा है। नवरुणा तो अभी तक नहीं मिली, क्या नवरुणा को न्याय भी नहीं मिलेगा? लेकिन मुझे भारत की संवैधानिक संस्था पर भरोसा है, उनके माँ-बाप का भरोसा है कि उनकी बेटी ज़रूर आएगी, तो मुझे भी भरोसा है।"

नवरुणा के माता-पिता को अब भी भरोसा है कि उनकी बेटी ज़रूर आएगी। नवरुणा की माँ कहती हैं - मुझे ऐसा लगता है कि जैसे मेरी बच्ची बोल रही है कि माँ मैं आऊँगी। उनके माता-पिता की आस कब पूरी होगी, क्या जाँच में जल्द कुछ निकल पाएगा, ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब फ़िलहाल किसी के पास नहीं।

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