{"_id":"e5c27fad56b6a210f334eeae83a44c08","slug":"nagpur-man-chopped-his-wife","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैसा लव, कैसी मैरिज? पत्नी के टुकड़े कर फ्रिज में जमाए","category":{"title":"Crime Archives","title_hn":"क्राइम आर्काइव","slug":"crime-archives"}}
कैसा लव, कैसी मैरिज? पत्नी के टुकड़े कर फ्रिज में जमाए
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 11 Oct 2013 07:05 PM IST
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक युवक और युवती की एनसीसी कोर्स के दौरान मुलाकात हुई। दोनों में प्यार हो गया और फिर दोनों ने शादी भी कर ली। लेकिन एक रोज पति थाने पहुंचा पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने।
पुलिस ने जब मामले की जांच की तो दिल दहला देने वाला सच सामने आया। जिस युवक ने प्रेम विवाह किया था, उसने ही अपने हाथों से पत्नी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे।
पुलिस ने जब उसे बुधवार को गिरफ्तार किया तो उसने सारे राज खोले। यह मामला नागपुर का है।
संपत्ति को लेकर विवाद
टीओआई के अनुसार, 41 वर्षीय सुधीर मसकारे ने गुरुवार को बताया कि 2003 में उसने दीप्ति से शादी की थी। शादी के बाद दोनों में पैसे और संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया। रोज-रोज के झगड़ों से जीना हराम हो गया था।
उसने महालक्ष्मीनगर वाले घर में 11 सितंबर को दीप्ति की हत्या कर शव के सात टुकड़े कर दिए। फिर उसे आइसक्रीम फ्रीजर में रख दिया।
सुधीर ने बताया कि जुलाई से सितंबर के बीच उसने थर्मोकोल का काम किया था उससे मिले रुपए दीप्ति मांग रही थी। इस साल पहले की तुलना में कम कमाई हुई, इस बात से भी वह नाराज थी।
इसके अलावा दीप्ति उसके पिता की दुकान को अपने नाम कराने की जिद पर अडी़ थी। लेकिन सुधीर इसके लिए तैयार नहीं था। 11 सितंबर को दोनों में काफी बहस हुई इस दौरान सुधीर ने दीप्ति का गला घोंट दिया और लाश को रसोईघर में रख दिया।
राज का पर्दाफाश
बयान के अनुसार सुधीर ने रात एक बजे दीप्ति के शव के सात टुकडे़ कर पॉलीथिन में भर दिए। फिर 12 सितंबर को वह गोंडिया गया और वहां मजदूरों की मदद से पौधे लगाने के लिए गड्ढे खुदवाए। उसके बाद पॉलीथिन में भरे शव के टुकडे़ दफना दिए। फिर 14 सितंबर को हडकेश्वर थाने में दीप्ति की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
फिर वह 26 सितंबर को पहुंचा और वहां से शव के टुकड़े गड्ढे से निकालकर वैनगंगा नदी में फेंक दिया। दीप्ति की तलाश में लगी पुलिस को एक दिन गोंडिया से कॉल आई, जिसमें सुधीर पर शक जताया गया। जिसके बाद पुलिस ने सुधीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर पूरा सच सामने आ गया।