गैर की बाहों में पत्नी को देख पति ने किया कांड
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अवैध संबंध ने एक और खूनी वारदात को अंजाम दिया। पत्नी को किसी और के साथ बिस्तर पर प्रेमालाप करते देख पति का खून खौल उठा और उसने दोनों को कुल्हाड़ी से काट डाला। यह खौफनाक वारदात यूपी के कानपुर देहात की है।
रसूलाबाद क्षेत्र के हरचंदा गांव में मंगलवार सुबह एक युवक ने पत्नी व उसके प्रेमी को कुल्हाड़ी से काट डाला। वारदात के बाद युवक रक्तरंजित कुल्हाड़ी लेकर थाने जा पहुंचा और पूरा वाकया सुनाया। थाना पुलिस के साथ ही एसपी बीरेंद्र बहादुर सिंह व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
युवक से पूछताछ के बाद उसके खिलाफ मृतक के भतीजे की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। पत्नी और उसके प्रेमी को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी चंद्रभान को साथ लेकर थाना पुलिस जब उसके घर तफ्तीश करने पहुंची तो ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
चंद्रभान ने पुलिस को बताया कि वह सुबह खेत में पानी लगाने गया था। कुछ देर बाद घर लौटा तो पत्नी निशा को दया का पुरवा निवासी तूफानी के साथ बिस्तर पर देखा तो उसका खून खौल उठा। उसने घर में रखी कुल्हाड़ी से तूफानी को काट डाला। निशा भागी तो उसे गांव के बाहर एक खेत में दबोच लिया और वहीं उसकी हत्या कर दी।
बिस्तर पर कर रहे थे दोनों प्रेमालाप
चंद्रभान ने बताया कि निशा ने उसका विश्वास पहले ही खो दिया था। तूफानी को लेकर उसने कई बार उसे घर आने से रोका था लेकिन निशा नहीं मानी। उसने बताया कि निशा के चार बच्चे दीपक (10), लक्ष्मी (08), अंजली (05) व प्रांशू (03) है।
मौके पर पहुंचे एसपी, सीओ डेरापुर शशिशेखर दीक्षित, कोतवाल शिवली, थानाध्यक्ष मंगलपुर, थानाध्यक्ष रसूलाबाद सुनील कुमार यादव आदि ने ग्रामीणों से भी पूछताछ की है। तूफानी के भतीजे अमित कुमार ने देर शाम थाने में तहरीर दी। उसने तहरीर में बताया कि वह अपने चाचा के साथ कानपुर जा रहा था।
रास्ते में चाचा ने उसे चंद्रभान के घर से रुपये लाने की बात कहकर उसे वहीं रुकने को कहा। वह काफी देर तक चाचा नहीं लौटे तो वह चंद्रभान के घर गया। वहां चाचा चारपाई पर खून से लथपथ पड़े थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विस्तृत जांच पड़ताल शुरू कर दी। मौके से साक्ष्य भी जुटाए गए।
स्वभाव से चंचल थी निशा
दरअसल, निशा देवी स्वभाव से चंचल थी। उसकी बहन की शादी दया का पुरवा गांव के हाकिम सिंह से हुई थी। हाकिम सिंह के घर तूफानी का आना-जाना था। गांव में चर्चा है कि निशा तूफानी के साथ घर से भाग चुकी थी। वापस आने के बाद चंद्रभान ने उस पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।
निशा को खोना नहीं चाहता था चंद्रभान
हरचंदा गांव में पत्नी और उसके प्रेमी की हत्या कर थाने पहुंचा चंद्रभान काफी देर तक फूट-फूट कर रोया। उसने बताया कि वह निशा की हरकतों से थक चुका था। फिर भी ग्यारह वर्ष पूर्व बने निशा के साथ रिश्ते को खोना नहीं चाहता था। लेकिन निशा ने जब उस पर हमला कर दिया तो वह जुनूनी बन गया।
चंद्रभान के मुताबिक निशा की हरकतों से उसका जीना हराम हो गया था। घर के बाहर निकलते ही हर किसी की निगाह उसकी हंसी उड़ाती थी। बच्चे भी मां की बातें बताते थे। बड़ा लड़का दीपक सब कुछ समझता है। उसने कई बार उससे वह सवाल किए, जिसका जवाब उसके पास नहीं था।
उसने निशा को कई बार समझाया कि घर बिगड़ रहा है। बच्चे समझने लगे हैं लेकिन वह उसकी सुनने को तैयार नहीं थी। तूफानी सोमवार की शाम चंद्रभान के घर आया था। रात में खाना खाने के बाद चंद्रभान का निशा देवी से इसी बात पर झगड़ा हुआ था। सुबह खेत पर पानी लगाने जाते समय चंद्रभान ने निशा देवी को फिर समझाया था।
वह निशा की इस हरकत को भी माफ कर देता लेकिन जब उसने तूफानी को मारा तो निशा ने उस पर जानलेवा हमले का प्रयास किया था, जिसमें वह बच गया। वह समझ गया कि निशा अब भी तूफानी का साथ नहीं छोड़ेगी और उसके दिमाग में बैठी इसी बात ने उससे निशा की हत्या करवा दी।