हिला देगी सिरफिरे आशिक की ये करतूत
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बेटी के सिरफिरे आशिक ने उसे चाकुओं से गोद डाला। यह सनसनीखेज मामला इलाहाबाद के फाफामऊ का है। सोरांव थाना क्षेत्र के सिंगारपुर के रहने वाले सब्जी विक्रेता संतलाल (55) की जान उनकी बेटी के सिरफिरे आशिक शुभम ने ले ली।
वह फाफामऊ बाजार से बृहस्पतिवार रात जब घर लौट रहे थे तभी गद्दोपुर में शुभम रास्ते में आ गया। उसने साइकिल से धक्का देकर संत लाल को गिरा दिया और उनके ऊपर एक के बाद चाकू से चार वार किए।
जब संतलाल गिर पड़े तो वह अपने घर भाग गया। उसने खून से सने अपने कपड़ों और चाकू को बोरे में भरकर भूसे में छिपा दिया और नींद की गोलियां खाकर सो गया। बेटी के बयान के बाद सुबह पुलिस उसके घर पहुंची तो वह सोता मिला।
पुलिस ने उसे पकड़कर कपड़ा और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। शुभम सोरांव थाना क्षेत्र के गोहरी गांव का रहने वाला है। वह संतलाल की बेटी के पीछे पड़ा था। इस बात को लेकर कई बार विवाद भी हुआ था।
पिता को चाकुओं से गोद डाला
संतलाल ने उसे रोका था और इस बात को लेकर दोनों के घरों के बीच पिछले दिनों पंचायत भी हुई थी। इस बात से फाफामऊ में कपड़े सिलने का काम करने वाले राजेश कुमार का बेटा शुभम काफी और बौखलाया हुआ था।
तैश में उसने शांतिपुरम से ब्यूटीशियन क्लास कर लौट रही संतलाल की बेटी को गोहरी रेलवे क्रासिंग के पास रोक लिया था। आरोप है कि उसने धमकी दी थी कि वह उससे नहीं मिलेगी तो उसे कल रोना पड़ेगा। उसने जो कहा था, वह कर दिखाया।
पकड़े जाने के बाद उसने पुलिस के सामने जो बयान दिया, वह हिलाकर रख देने वाला था। उसने पुलिस को बताया कि संतलाल उसकी राह में बाधा बन रहे थे। इसलिए उनको मार दिया। शुभम बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ता है। संतलाल के परिवार में चार बेटे हृदयेश, ब्रजेश, शैलेश और राजकुमार हैं। उनकी दो बेटियां भी हैं जिसमें से एक की शादी हो चुकी है।
शुभम के सिर पर खून सवार था। पुलिस के मुताबिक उसने बताया कि मारने से पहले उसकी संतलाल से काफी गुत्थमगुत्था हुई थी। उसने संतलाल के गले, हाथ, सीने और पेट पर चाकू मारा था। मौका ए वारदात पर दूर तक खून फैला हुआ मिला। उसने बताया कि संतलाल दिन भर की बिक्री के 5500 रुपये और मोबाइल भी उसे सौंपने को राजी हो गए थे लेकिन शुभम के सिर पर तो खून सवार था और उसने चाकू से वार कर संतलाल को मार डाला।
रोज खाता था नींद की गोली
संतलाल रात 11.30 बजे तक घर नहीं पहुंचे तो परिजन खोज में जुट गए। उनके मोबाइल पर फोन किया जाता रहा लेकिन कॉल रिसीव न होने पर परिजन डर गए। वह घर तक आने के लिए रेलवे लाइन के बगल का कच्चा रास्ता पकड़ते थे। घर वाले उसी रास्ते पर निकले तो गद्दोपुर में शव पड़ा मिला। घर वालों ने फाफामऊ चौकी को मामले की जानकारी दी और शुभम पर हत्या का शक जताया।
शुभम अपने घर पर ही सोता हुआ मिला। पुलिस को उसने बताया कि रात भर वह युवती के बारे में सोचता रहता था। नींद न आने पर वह गोलियां खाता था। पुलिस को उससे सच उगलवाने में कोई परेशानी नहीं हुई।
फाफामऊ चौकी प्रभारी दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि संतलाल के बेटे ब्रजेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि बहन को शुभम छेड़ता था। इस बात को लेकर उसको टोका जाता था तो उसने यह कदम उठाया।
शुभम की सिंगारपुर गांव में ही रिश्तेदारी है। वहीं आने जाने के दौरान वह युवती के पीछे लग गया था। चर्चा रही कि उसने एक बार बीए प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली संतलाल की बेटी को मोबाइल फोन भी देने की कोशिश की थी। इसी के बाद से बात बढ़ती चली गई थी।