SSP मंजिल सैनी पर लगाया हत्या का आरोप, 3 करोड़ में सौदा
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हाथरस में राजेश टोंटा की हत्या के डेढ़ सप्ताह बाद अब उसकी पत्नी ने अपने पति की हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए मथुरा के फरह थाना पुलिस को तहरीर भेजी है।
तहरीर में स्पष्ट रूप से कुछ नामजदों के अलावा मथुरा की एसएसपी मंजिल सैनी पर राजेश की हत्या का आरोप लगाया गया है। यह भी कहा गया है कि राजेश की हत्या का सौदा तीन करोड़ में हुआ।
तहरीर में राजेश की पत्नी कनक शर्मा ने कहा है कि उसके पति की विपक्षी पार्टी के लोगों ने मथुरा की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी से मिलकर शातिर अपराधी बृजेश मावी की हत्या के झूठे केस में उसके पति को फंसवाया।
कनक ने आरोप लगाया कि बृजेश मावी के पिता राजेंद्र सिंह, पत्नी सीमा, विनोद चौधरी और प्रमोद चौधरी पुत्रगण पुरुषोत्तम सिंह निवासीगण सी-18 हरीनगर कृष्णानगर मथुरा और एसएसपी मंजिल सैनी ने मिलकर साजिश कर उसके पति की हत्या की योजना बनाई।
तो क्या सच हैं ये आरोप?
तहरीर में आरोप है कि जेल में बंद दीपक मीणा, दीपक वर्र्मा, काली, राहुल चौबे और अक्षय सोलंकी को राजेश की हत्या के लिए नियुक्त किया गया। इसका सौदा तीन करोड़ में हुआ।
इसी योजना के तहत 17 जनवरी को दोपहर लगभग 3.30 बजे दीपक मीणा, दीपक वर्मा, काली, राहुल चौबे, अक्षय सोलंकी ने जिला कारागार मथुरा में राजेश की बैरक में घुसकर उस पर पिस्टल और रिवाल्वर से जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। इसमें उनके पति घायल हो गए।
उसके पति को बचाने आए राजकुमार निवासी कैमार पर भी इन लोगों ने फायरिंग की। वह भी घायल हो गए। बचाव करने पर गोपाल निवासी विद्यापति नगर को चाकू मारा और मनोज निवासी नगला लक्ष्मीनगर हाथरस, संजू प्रधान निवासी नगला इमलिया थाना हाथरस जंक्शन के साथ भी मारपीट की।
तहरीर में कहा है कि इन लोगों की फायरिंग में अक्षय सोलंकी को दीपक वर्मा की गोली लग गई। इससे उसकी जेल में ही मौत हो गई। तहरीर में आरोप है कि कुछ समय बाद ही एसएसपी मंजिल सैनी जेल में आई और राजेश को देखकर बोली कि अरे ये तो जिंदा बच गया। इसके बाद राजेश को मथुरा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
'एसएसपी ने पति से नहीं मिलने दिया'
तहरीर के अनुसार सूचना पर कनक शर्मा अपने परिवार के साथ जिला अस्पताल पहुंची तो वहां एसएसपी मौजूद मिली। कनक शर्मा का आरोप है कि उसे उसके पति से नहीं मिलने दिया गया और पुलिस उसके पति की हत्या की योजना बनाती रही।
इसी योजना के तहत रात्रि 11 बजे बिना किसी कारण के उसके पति को पुलिस एक एंबुलेंस में रखकर ले जाने लगी। तहरीर में कनक शर्मा ने कहा है कि वह जबरन एंबुलेंस में चढ़ गई तो उसे खींचकर उतारने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के विरोध के चलते पुलिस यह नहीं कर सकी।
कनक शर्मा ने आरोप लगाया है कि उसके रिश्तेदारों और परिचितों की गाड़ियों में पंचर कर दिए। साथ चलने पर पुलिस ने उन लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। कई दिनों तक इन लोगों को अपनी गिरफ्त में रखा और कई का चालान भी कर दिया।
'मुंह खोला तो बेटे को भी मरवा देंगे'
कनक के मुताबिक रात्रि 11.30 बजे एंबुलेंस को हाइवे के टोल से पहले रोक दिया गया। करीब पांच मिनट बाद एंबुलेंस का गेट खोलकर दो पुलिस वर्दीधारी और चार अज्ञात लोगों, जिनके मुंहपर नकाब बंधे थे, ने अपने हथियारों से राजेश पर गोलियां चला दीं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कनक शर्मा का आरोप है कि काफी देर बाद महिला दारोगा विपिन चौधरी उसे गाली-गलौज देते हुए मारपीट कर महिला थाना मथुरा ले गई और उसे थाने में निरुद्ध कर दिया। बार-बार कहने पर भी उसके घरवालों से उसकी बात नहीं कराई। उसे यह धमकी दी गई कि यदि उसने यह बयान दिया कि उसके पति की हत्या पुलिस द्वारा कराई गई है तो उसे और उसके इकलौते बेटे को भी मरवा देंगे।
दूसरे दिन दोपहर 11 बजे उसे जाने की इजाजत दी। तहरीर में कनक शर्मा ने कनक शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसकी प्रतिलिपि मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट, मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी आगरा जोन, डीआईजी आगरा आदि को भी भेजी गई हैं।
राजेश टोंटा की हिस्ट्रीशीट बंद करेगी पुलिस
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जरायम की दुनिया के डॉन बनकर उभरे राजेश टोंटा की हत्या के बाद उसकी हिस्ट्रीशीट अब यहां की पुलिस बंद करेगी। पुलिस जल्दी ही इस सिलसिले में उसकी हत्या की रिपोर्ट से लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट एकत्रित करेगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों पुलिस अभिरक्षा में राजेश टोंटा की मथुरा में हत्या कर दी गई थी। हत्या उस समय की गई थी, जब मथुरा पुलिस उसे इलाज के लिए आगरा ले जा रही थी। बृजेश मावी की हत्या के बाद राजेश पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डॉन बनकर उभरा था। वैसे पिछले 22 साल से वह अपराध की दुनिया में सक्रिय था।
उस पर आधा दर्जन से ज्यादा हत्या के अलावा गैंगस्टर, गुंडा एक्ट और लूटपाट के मुकदमे भी दर्ज थे। हाथरस के अलावा अलीगढ़ और मथुरा में भी उस पर केस दर्ज थे। उसकी हाथरस कोतवाली में हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। अब राजेश टोंटा की हत्या के बाद उसकी हिस्ट्रीशीट भी बंद होगी।
कोतवाली प्रभारी नित्यानंद का कहना है कि इसके लिए उसकी हत्या की रिपोर्ट के अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य अभिलेख मंगाने होंगे। उनका कहना है कि किसी भी हिस्ट्रीशीटर अपराधी की मौत के बाद उसकी हिस्ट्रीशीट बंद कर दी जाती है। वैसे, यहां यह भी तथ्य भी विदित है कि कई अपराधियों की मौत के बाद भी पुलिस के रिकॉर्ड से उनका नाम नहीं हटा है।