{"_id":"194f48b5e9fffc6af19d0d89b0cb55c1","slug":"mumbai-lover-murdered-his-girlfriend-and-chopped-her-into-pieces","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई: प्रेमिका के टुकड़े कर अलग-अलग फेंका","category":{"title":"Crime Archives","title_hn":"क्राइम आर्काइव","slug":"crime-archives"}}
मुंबई: प्रेमिका के टुकड़े कर अलग-अलग फेंका
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 06 Nov 2013 04:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन साल पहले ट्रेन में हुई दो जवां दिलों की मुलाकात मोहब्बत में बदल गई थी। मोहब्बत के बाद शादी अगला पडा़व था उनका, लेकिन इससे पहले ही यह प्रेम कहानी खून से रंग गई।
विज्ञापन
कत्ल ऐसा कि दिल दहल जाए। युवती के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर मुंबई में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया। मकसद था कत्ल के राज को पॉलिथीन में पैक कर पुलिस से बचना और युवती से पिंड छुड़ाना।
विज्ञापन
मुंबई में इस वारदात को अंजाम दिया था 36 वर्षीय प्रभाकर शेट्टी ने। उसने बड़ी ही बेरहमी से 31 वर्षीय अपनी प्रेमिका कांता शेट्टी का बाथरूम में कत्ल कर दिया था। चाकू से उसके शरीर के कई टुकड़े कर उसे तीन थैलों में भर दिए थे।
विज्ञापन
टीओआई के अनुसार, पुलिस ने मंगलवार को आरोपी प्रभाकर की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
कत्ल का राज
पुलिस ने बताया कि फैशन डिजाइनर कांता अपने प्रेमी प्रभाकर से शादी करना चाहती थी। जबकि वह नवंबर में किसी और युवती को अपना जीवनसाथी बनाना चाहता था।
29 अक्टूबर की रात प्रभाकर ने कांता की हत्या की। एक पॉलिथीन में पहले उसके सिर को रखा, दूसरे में धड़ को और तीसरे में उसके हाथ-पैर को। और उसी रात मुंबई में अलग-अलग तीन जगहों पर शव के टुकड़ों को फेंक दिया।
ट्रेन में हुई थी मुलाकात
सोमवार को कांता की बहन ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और उसने प्रभाकर पर शक जताया था।
उसने बताया कि तीन साल पहले दोनों की मुलाकात मंगलोर से मुंबई जाने वाली ट्रेन में हुई थी। पति की खुदकुशी के बाद कांता के दो साल से प्रभाकर से संबंध थे। कांता का 11 साल का एक बेटा भी है।
गुनाह कुबूला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रभाकर ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि प्रभाकर कुछ महीने से कांता से अपने रिश्ते तोड़ना चाहता था। 29 अक्टूबर को वह छुट्टी लेकर घर पर ही था। तभी कांता ने उससे मिलने की बात कही। उसके इनकार करने पर कांता उसके घर पर आ गई। इसी बीच प्रभाकर ने उसकी हत्या की साजिश रची।
पुलिस ने बताया कि 30 अक्टूबर को धड़ से भरा पॉलीथिन मिला था फिर अगले दिन हाथ-पैर से भरा पॉलीथिन बैग मिला। गुमशुदगी की रिपोर्ट और अलग-अलग जगहों से शरीर के मिले टुकड़ों की कड़ियों को आपस में जोड़कर पुलिस प्रभाकर तक पहुंची।