...इसलिए कर दी मां की हत्या
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पिता की जमीन नाम कराने में रोड़ा बन रही मां की बेटे ने हत्या कर दी और एक साथी की मदद से शव गंगा में फेंक आया।
इतना ही नहीं लोगों को भटकाने के लिए थाने में मां की गुमशुदगी दर्ज करा दी।
लगभग डेढ़ माह बाद इसकी जानकारी होने पर परिजनों ने पूछताछ की तो युवक ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
इस पर सोमवार को मृतका के छोटे बेटे ने अपने बड़े भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
जमीन के लोभ में की हत्या
चंदपुरा गांव में जयपाल का परिवार रहता है। जयपाल के नाम करीब दस बीघा जमीन है। जयपाल को चार बेटे सबसे बड़ा मामचंद, धीरज, महेश और उमेश थे।
धीरज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस पर उसकी पत्नी से उसके भाई महेश से शादी कर ली थी।
सबसे छोटे बेटे उमेश ने बताया कि उसका भाई महेश पिता के नाम की सारी जमीन अपने नाम कराना चाहता था, लेकिन उसकी मां लखमीरी देवी बीच में रोड़ा बनी थी।
साथी के साथ मिलकर की वारदात, रिपोर्ट दर्ज
आरोप है कि इस पर प्लानिंग के तहत महेश ने 19 फरवरी को मां की हत्या कर दी और शव गांव के ही नरेश पुत्र जगवीर की मदद से उसकी ही गाड़ी से ब्रजघाट ले जाकर गंगा में फेंक आया।
इस बीच उसने 25 फरवरी को थाने में मां की गुमशुदगी दर्ज करा दी। रिपोर्ट में उसने मां की दिमागी हालत भी खबरा बता दिया।
इसकी जानकारी होने पर परिजनों ने उससे पूछताछ की तो उसने सारी बात बता दी।
सोमवार को उमेश ने बड़े भाई महेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है।