शराबी बेटे ने जन्म देने वाली मां को ही मार दिया
ये खबर विचलित करने वाली है, लेकिन हकीकत है उस दरिंदगी की जो शायद दरिंदे भी नहीं करते। बेटे ने ही अपनी मां को पत्थर से प्रहार करके मार डाला।
ये बात गले से नीचे नहीं उतरती। ये वारदात हम सब से, सभ्य समाज से तमाम सवाल पूछती है। जिनमें पहला यही कि आखिर हो क्या गया है इस मुल्क को, जहां मां को भगवान का दर्जा दिया जाता है, उसी देश में मां के साथ देना हाड़ कंपा देने वाली घिनौनी वारदात को अंजाम देने से गुरेज नहीं किया जाता है।
सवाल ये भी है कि क्या हम सब इसके लिए जिम्मेदार है जो अपने आस-पास होने वाले ऐसे अपराधों को या तो सहना सीख गए हैं या फिर निजी हित की परवाह के चलते जरूरत से ज्यादा नजरअंदाज करने लगे है।
बहुत से सवाल है, जो शायद इस खबर को पढ़ते वक्त आपके जहन में भी उठ रहें होंगे, ये लाजमी भी है, लेकिन इसके हल के बारे में भी सोचिएगा। पूरी खबर इस प्रकार है यूपी के मैनपुरी में थाना दन्नाहार क्षेत्र में एक शराबी पुत्र ने मां को ईंट से कुचल डाला। गंभीर हालत में परिवारीजन वृद्धा को जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने वृद्धा को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया।
मां ने शराब पीने से मना किया था
थाना दन्नाहार क्षेत्र के ग्राम नगला कोडर निवासी सुधीर कुमार के पांच पुत्र हैं। जिनमें सुबोध कुमार तीसरे नंबर का है। सुबोध शराब पीने का आदी है।
शनिवार की रात सुबोध शराब पीकर आया। सुबोध की 65वर्षीय बुजुर्ग मां नन्ही देवी ने उसे समझाया और शराब न पीने की नसीहत दी। इससे वह आग बबूला हो गया।
रविवार की सुबह चार बजे के लगभग नन्ही देवी सो रही थीं। उसी समय सुबोध हाथ में ईंट लेकर पहुंचा और नन्ही देवी पर हमला बोल दिया। नन्ही देवी की चिल्लाने की आवाज सुनकर सुबोध के चाचा अवधेश कुमार मौके पर पहुंचे और नन्ही देवी को किसी तरह से बचाया।
अवधेश नन्ही देवी को जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को भेजी। सूचना पर पहुंची दन्नाहार पुलिस ने आरोपी सुबोध को कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। शव विच्छेदन गृह पर परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।