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बच्ची के साथ राक्षस भी ऐसा नहीं करते, मिली तीन जन्मों की सजा

Sat, 23 Jan 2016 12:25 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 23 Jan 2016 12:25 PM IST
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Monstrous rape shocks court man gets triple life imprisonment

मां-बाप की लाड़ली की खिलखिलाहट से पूरा घर चहकता था। उसकी नटखट नादानियां सबका दिल जीत लेती थीं। लेकिन इस दरिंदे ने नाजुक सी बच्ची को ऐसा जख्म दिया कि उसकी चीखों से घर की खुशियां गम और अफसोस के मंजर में तब्दील हो गईं। कभी न भुलाई जाने वाली आहें अब भी रह रहकर सताती हैं। पांच साल की उस बच्ची पर क्या गुजरी होगी जब इस हैवान ने उसके साथ वहशत की सारी हदों को पार कर दिया।

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पुणे की विशेष अदालत ने 28 वर्षीय राजेश चौहान को पांच साल की बच्ची से रेप और यौन हिंसा के आरोप में तीन जन्मों की सजा सुनाई है। अदालत ने गुनहगार को 5 हजार रुपए का जुर्माना भरने को भी कहा है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक आरोपी ने वारदात को साल 2013 में पुणे में अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक राजेश चौहान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का रहने वाला है। लेकिन जीवका चलाने के लिए वडगांव आया था। आरोपी वडगांव स्थित गति कार्गो कंपनी में पीड़िता के पिता के साथ काम करता था। पीड़िता का परिवार और आरोपी एक ही इमारत में रहते थे।
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पुलिस के मुताबिक 7 जुलाई 2013 वो तारीख है जो पीड़िता के परिवार के लिए मनहूस साबित हुई। पीड़िता के पिता ने आरोपी राजेश चौहान को गैस स्टोव सही करने के लिए मदद के लिए घर में बुलाया था।

'ऐसी वहशत तो राक्षस भी नहीं करते'

Monstrous rape shocks court man gets triple life imprisonment

बच्ची का पिता गैस स्टोव सही करने में व्यस्त था तभी आरोपी की गंदी नियत बच्ची पर पड़ी और वो उसे पास की दुकान से कुछ सामान लाने के लिए अपने साथ ले गया।

लेकिन आरोपी के सिर पर हवस का ऐसा भूत सवार हुआ कि वो बच्ची को एक सुनसान जगह ले गया और बेरहमी से उसका बलात्कार कर दिया। बच्ची से रेप के बाद दरिंदे ने किसी को भी इसके बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी और उस पर ऐसा प्रहार किया कि बच्ची अधमरी हो गई।

उधर काफी देर तक बच्ची के घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता हैरान हो रहे थे। इसलिए वो उसे इलाके में खोजने लगे। चूंकी चौहान वो आखिरी शख्स था जिसके साथ बच्ची थी लिहाजा शक के घेरे में सबसे पहले वही आया।

जब बच्ची मिली तो वो बुरी तरह जख्मी थी। उसके प्राइवेट पार्ट में कोई विदेशी चीज डाली गई थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि कोई विदेशी चीज उसके प्राइवेट पार्ट और पेट से मिली है। बच्ची के गले और गाल पर भी दरिंदे के दातों से काटने के जख्म थे।

'दरिंदे का मोबाइल फोन नीलाम कर की जाए राजकोष की भरपाई'

Monstrous rape shocks court man gets triple life imprisonment

इस केस में 13 लोगों का गवाह बनाया गया। जिनमें पीड़िता के माता-पिता भी शामिल थे। पीड़ित बच्ची ने भी उसके साथ हुई हैवानियत की पूरी वारदात के बारे में अदालत को बताया। बच्ची का इलाज करने वाली डॉक्टर उमा ने अदालत में बताया कि बच्ची के जननांग बुरी तरह क्षत-विक्षत किया गया जिससे बुरी तरह खून बह रहा था।

न्यायाधीश एजी बिलोलिकर ने सभी दलीलें सुनने के बाद आरोपी के कुकर्म को राक्षसों से भी ज्यादा जघन्य करार दिया और उसे तीन जन्मों की कैद की सजा सुनाई।

अदालत ने ये भी आदेश दिया कि गुनहगार के मोबाइल फोन सार्वजनिक तौर पर नीलाम किया जाए और जो धनराशि मिले उससे राजकोष की भरपाई की जाए।

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