महिला सुरक्षा: ये है यूपी की सबसे बड़ी समस्या
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उत्तर प्रदेश के शहरों में अमर उजाला के लिए देश की प्रतिष्ठित सर्वे एजेंसी हंसा रिसर्च ने जो सर्वे किया, उसके आंकड़े कहते हैं प्रदेश की राजधानी लखनऊ और गोरखपुर इस लिहाज से सबसे खराब शहर हैं, जहां 96 प्रतिशत लोगों ने कहा कि महिलाएं छेड़खानी का शिकार होती हैं।
इसके बाद इलाहाबाद और अलीगढ़ हैं, जहां 94 प्रतिशत लोगों ने कहा कि महिलाएं छेड़छाड़ का शिकार होती हैं। इन्हीं दोनों शहरों में सर्वाधिक लोगों ने कहा कि वहां महिलाएं लूटपाट और पीछा किए जाने का शिकार होती हैं।
इस तरह से ये दोनों शहर महिलाओं के लिए सबसे बुरे शहर साबित होते हैं। वैसे मुरादाबाद भी कम बुरा शहर नहीं दिखता, जहां 90 प्रतिशत लोगों ने कहा कि महिलाएं छेड़छाड़ का शिकार होती हैं।
बरेली शहर में महिलाओं से छेड़छाड़ की शिकायत करने वालों का प्रतिशत सबसे कम था लेकिन वह भी अच्छा-खासा यानी 64 प्रतिशत है।
आदित्यनाथ का गढ़ भी सबसे खराब
इसके अलावा शेष सभी शहरों, कानपुर, आगरा, मेरठ, वाराणसी और झांसी में यह प्रतिशत 83 से 88 के बीच है, जो किसी भी लिहाज से कम खराब नहीं है।
अश्लील फब्तियां कसने या गाली-गलौज के मामले में गोरखपुर सबसे खराब शहर कहा जा सकता है, जहां 71 फीसदी लोगों ने कहा कि वहां महिलाएं इसका शिकार होती हैं।
इसके बाद अलीगढ़ (67 फीसदी), झांसी (59 फीसदी) और मेरठ (52 फीसदी) का नंबर है। अश्लील फब्तियां कसने के मामलों की सबसे कम शिकायत की इलाहाबाद के लोगों ने, जहां सिर्फ 16 फीसदी लोगों ने इसकी शिकायत की।
मुरादाबाद में सबसे अधिक (78 फीसदी) लोगों ने कहा कि वहां महिलाओं का पीछा किया जाता है। इसके बाद लखनऊ और इलाहाबाद रहे, जहां क्रमश: 70 और 64 प्रतिशत लोगों ने इसकी शिकायत की।