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खेलने-कूदने की उम्र में घर से उड़ाए दो करोड़ रूपए
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 09 Oct 2013 11:06 AM IST
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खेलने-कूदने की उम्र में एक किशोर से चोरी की बड़ी वारदात करवा डाली। वह एक मशीन बनाने वाले व्यवसायी के घर में नौकर बनकर घुसा और मौका लगते ही घर से करीब दो करोड़ रुपए की नकदी व ज्वेलरी उड़ा ली।
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पुलिस ने बताया कि किशोर के भाइयों व बहन-जीजा ने सुनियोजित तरीके से इसे अंजाम दिलवाया। दिल्ली के दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ ने किशोर व उसके दो भाई और बहन व जीजा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इनके पिता की तलाश कर रही है।
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पूरा परिवार की आपराधिक वारदातों में लिप्त रहता है। इनके कब्जे से कई लाख रुपए की ज्वेलरी और 18.25 लाख रुपए बरामद किया गया है।
दक्षिण जिला डीसीपी बीएस जयसवाल के अनुसार, साकेत इलाके में रहने वाले व्यवसायी ने साकेत थाने में 12 सितंबर को चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। शुरू में शिकायत करीब 80 लाख रुपए की नकदी व ज्वेलरी की कराई थी। बाद में पता लगा कि नौकर दो करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी व ज्वेलरी ले गया है।
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मामला दर्जकर जांच स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर जसमोहिंदर चौधरी की टीम को सौंपी गई। तफ्तीश में पता लगा था कि व्यवसायी ने नाबालिग नौकर का पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराया था। कई दिनों की तफ्तीश के बाद इंस्पेक्टर जसमोहिंदर की टीम ने नाबालिग नौकर को कोलकाता से पकड़ लिया।
इससे पूछताछ के बाद किशोर के दो बड़े भाई दिवाकर मलिक और भास्कर मलिक, बहन मंजू लता और जीजा बैधर दास को गिरफ्तार कर लिया।
भाई ने रची थी साजिश
पूछताछ में पता लगा कि व्यवसायी के घर में चोरी करने की साजिश बड़े भाई दिवाकर मलिक ने रची थी। इसने नाबालिग भाई को नौकर बनाकर व्यवसायी के घर भेजा। पहले उसे चोरी करने के लिए पूरी तरह ट्रेंड किया गया था। चोरी के बाद इन लोगों ने लूटा हुआ सामान आपस में बांट लिया था।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार इससे पहले भास्कर मालिक ने इसी तरीके से सिविल लाइंस इलाके से 35 लाख रुपए उड़ाए थे। ये लोग जिस घर में जाते थे, वहां कोई न कोई बहाना बनाकर पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराते थे।