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ठेकेदार के घर में 4 साल से कैद थी किशोरी, हेल्पलाइन ने छुड़ाया

Sun, 24 Jan 2016 06:18 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 24 Jan 2016 06:18 PM IST
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minor girl rescued from the contractor house in Kanpur

हाथ कलम थामना चाहते थे लेकिन नन्हें हाथों को भारी-भरकम काम दे दिया गया। पीठ पर बस्ता होना चाहिए था लेकिन उसे मजदूरी का बोझ ढोना पड़ा। होंठ बचपन की अठखेलियों के बीच मुस्कुराना चाहते थे लेकिन चार साल तक उनसे दर्द भरी आह निकलती रही। बंद कैदखाने में उसके सपने चकनाचूर होकर आंखों से आंसुओं की शक्ल में बहते रहे। गम और अफसोस में पल-पल गुजरता वक्त उसे नाउम्मीदी के स्याह अंधेरे की ओर ले जा रहा था, लेकिन शायद एक आखिरी उम्मीद बची रह गई थी।

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और बड़ी बहन को उस कैदखाने के बाहर खड़ा पाया तो उससे लिपटकर वो ऐसी रोई कि एक सांस में साथ में हुए जुल्मों-सितम की पूरी दास्तान बयां कर दी।

हमारा कानून बालश्रम के खिलाफ कड़ी सजा देता है। अब उस ठेकेदार की सजा क्या होगी जिसने एक किशोरी से चार साल तक जबरन मजदूरी कराई और उसका शोषण किया?

यूपी की औद्योगिक नगरी कानपुर का ये मामला कुछ ऐसे ही सवाल खड़े करता है। आरोप है कि 13 वर्षीय किशोरी को एक ठेकेदार के यहां चार साल तक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा।

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बच्ची से जबरन मजदूरी कराने वाला ठेकेदार नपा

minor girl rescued from the contractor house in Kanpur

नजीराबाद पुलिस ने अशोक नगर स्थित ठेकेदार के घर से बंधक बनाकर रखी गई किशोरी को छुड़ाया है। पुलिस के मुताबिक झारखंड की रहने वाली किशोरी की बड़ी बहन ने चाइल्ड हेल्पलाइन से गुहार लगाई थी।

हेल्पलाइन की सक्रियता से श्रम विभाग, प्रवर्तन अधिकारी और पुलिस ने कार्रवाई की और किशोरी को बचा लिया।

पुलिस ने मुताबिक आरोपी ठेकेदार का नाम सरबप्रीत सिंह है। अशोक नगर में गुमटी गुरुद्वारे के पीछे उसका बंगला है। उसी बंगले में सरबप्रीत बच्ची को बंधक बनाकर घरेलू मजदूरी कराता था। उसका मानसिक शोषण और मारपीट भी करता था। इस सभी धाराओं में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

चाइल्ड लाइन के अधिकारी के मुताबिक झारखंड के गुमला के भुवाल गांव की घुड़ो कुमारी ने हेल्पलाइन पर शिकायत कराई थी कि उनकी तेरह वर्षीय बहन को सरबप्रीत ने बंधक बनाकर रखा है और जबरन घरेलू काम करवा रहा है। आरोपी उसे फोन पर बात भी नहीं करने देता। शिकायत मिलते ही ठेकेदार के घर दबिश देकर बच्ची को मुक्त कराया गया।

घर से बाहर आते ही पीड़िता बड़ी बहन से लिपटकर रोने लगी। पूछताछ में पता चला कि कोई ठेकेदार बच्ची को चार साल पहले सरबप्रीत के घर बेच गया था। तभी से बच्ची उस घर में पर काम कर रही थी।

बड़ी बहन ने आरोप लगाया कि बच्ची ने कई बार घर जाने की इच्छा जताई लेकिन उसे जाने नहीं दिया गया। पुलिस ने बच्ची को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। यहां से उसे स्वरूप नगर स्थित बालिका गृह भेज दिया गया है।

शनिवार को बच्ची के मजिस्ट्रेटी बयान तो हो गए लेकिन अभी मेडिकल नहीं हो सका है। नजीराबाद एसओ बृजेश यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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