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यूपी पुलिस ने 13 हजार में रफा-दफा कराया रेप का मामला

Fri, 17 Jan 2014 01:10 PM IST
अमर उजाला, मुरादाबाद
अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Fri, 17 Jan 2014 01:10 PM IST
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minor girl raped in moradabad police did not lodge FIR

पंचायत के आगे पुलिस ने सरेंडर कर दिया। किसान की नाबालिग बेटी से हुए बलात्कार की कीमत पंचायत ने 13 हजार रुपए तय की और पुलिस भी खामोश हो गई। न तो मुकदमा लिखा गया और न ही आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई।

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हैरत की बात यह है कि पूरी जानकारी थाने से लेकर जिले के आला अफसरों तक को थी, लेकिन सब आंखों पर पट्टी बांधे बैठे रहे। खुद सूचना के अधिकार में अफसरों ने यह खुलासा किया है।
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बेटियों की आबरू पर हमले की वारदातों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख भले ही सख्त हो। लेकिन पुलिस ऐसी घटनाओं पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटी है। मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में मूंढापांडे के सैंजना गांव का है।

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रेप की तहरीर दी, पंचायत ने किया फैसला
साल भर पहले किसान की बेटी के साथ गांव के एक युवक ने बलात्कार किया था। घटना के अगले दिन ही पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और तहरीर दी। लेकिन आरोपियों ने दबाव डालकर गांव में पंचायत बैठाई और मामले को 13 हजार में खत्म करा दिया। किसान के मुताबिक पुलिसकर्मी भी पंचायत में बैठे थे, इससे उन्हें फैसला मानना पड़ा।


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पुलिस का चौंकाने वाला जवाब
मामला पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों को पता लगा तो उन्होंने अफसरों से कार्रवाई की मांग की। लेकिन पुलिस ने समझौते की बात कहकर उन्हें टरका दिया। परिजनों ने सूचना के अधिकार के तहत प्रार्थना पत्र दिया। जो जवाब आया, वह चौंकाने वाला है।

एसपी ग्रामीण एके सिंह की सूचनानुसार पंचायत ने बलात्कार के मामले में समझौता करा दिया था। बाद में दूसरे पक्ष ने भी मुकदमा लिखाया। जिसमें एफआईआर लग गई थी। दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की धारा में कार्रवाई कर दी गई थी। आगे किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है।

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