यूपीः महिला शिक्षामित्र ने जहर खाकर दी जान
मथुरा में समायोजन रद होने से निराश शिक्षामित्र गायत्री देवी (36) ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पति की मौत के बाद से महिला अपने तीन मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता में डूबी थी।
सहायक अध्यापक पर समायोजन होने से उन्हें आस बंधी थी, लेकिन कोर्ट के निर्णय के बाद से वह परेशान थीं। विकासखंड छाता के गांव पैगांव निवासी गायत्री देवी पत्नी बनवारीलाल अग्रवाल का समायोजन द्वितीय चरण में सहायक अध्यापक पद पर हो गया था।
बलदेव ब्लाक के अरतौनी प्राथमिक विद्यालय में तैनाती होने पर वह बलदेव में अपने मायके के निकट ही बच्चों के साथ किराए पर रह रहीं थीं।
शिक्षामित्रों ने की मुआवजे की मांग
मृतका के पिता लोकमणि अग्रवाल ने बताया कि हाईकोर्ट से शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने के बाद से ही गायत्री काफी परेशान रहने लगी थी। उसके पति का करीब छह वर्ष पूर्व देहांत हो चुका है। उसे अपने तीनों बच्चों के बेहतर भविष्य की चिंता सताने लगी थी।
तनाव से उबरने का उसने काफी प्रयास किया, लेकिन वह नाकाम रही और शनिवार शाम करीब सात बजे विषाक्त पदार्थ खा लिया। बच्चे भागकर उनके पास पहुंचे और बताया कि मां उल्टियां कर रही है। तो वह दौड़कर घर पहुंचे और गायत्री को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां शनिवार रात करीब 12 बजे उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर तहसीलदार और पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भिजवा दिया।
महिला शिक्षामित्र के विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की जानकारी मिलते ही रविवार सुबह शिक्षामित्र मौके पर एकत्रित हो गए। इनमें खेम सिंह चौधरी, दुष्यंत सारस्वत, संजय सिसौदिया, शिवकुमार पचौरी आदि दर्जनों शिक्षामित्रों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर मुआवजे की मांग रखी।