बड़ा खुलासा: प्राइवेट जॉब वालों को ही बेचता था फर्जी डिग्रियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बनाने वाले गिरोह के मास्टर माइंड ने रविवार को नया सनसनीखेज खुलासा किया है। उसने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उसका नेटवर्क दिल्ली, हैदराबाद और पंजाब तक फैला है। वह प्राइवेट जॉब करने वालों को ही मार्कशीट व डिग्री बनाकर देता था।
शनिवार को गिरफ्त में आए झोकन बाग निवासी राजीव लाल से पुलिस ने गहराई से पूछताछ की। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार मास्टर माइंड राजीव लाल ने चौंकाने वाला यह खुलासा किया है कि उसका नेटवर्क पंजाब, हैदराबाद और दिल्ली तक फैला है।
वह दर्जनों लोगों को मार्कशीट व डिग्रियां पांच से दस हजार रुपये में बेच चुका है। उसकी डिग्री व मार्कशीट के आधार पर तमाम लोग बड़ी- बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं।
बीएड, एमएड की फर्जी डिग्रियां बरामद
अभी तक उसका मामला नहीं खुलने की सबसे बड़ी वजह यह है कि वह पहले जानकारी कर लेता था कि फर्जी मार्कशीट अथवा डिग्री बनवाने वाला सरकारी नौकरी के लिए तो एप्लाई नहीं कर रहा। जब सुनिश्चित हो जाता था कि वह सिर्फ प्राइवेट नौकरी के लिए बनवा रहा है, तब बनाकर देता था।
पूछताछ में उसने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों के नामों का खुलासा किया है, जिसमें एक सदर बाजार क्षेत्र में काम करता है। अब पुलिस दोनों सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
मालूम हो कि पुलिस ने शनिवार को जुआ खिलाने के आरोप में फरार चल रहे राजीव लाल के पास से खैलार आईटीआई, बुंविवि के फर्जी सर्टिफिकेट, अतर्रा डिग्री कालेज से बीएड व एमएड की डिग्री, क्रिश्चियन इंटर कालेज की फर्जी मार्कशीट व डिग्रियां बरामद की थीं।