इस्लाम के खिलाफ लिखा तो 1000 कोड़े और 10 साल की मिली सजा
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सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने ब्लॉगर रैफ बदावी को सुनाई गई 10 साल की कैद और 1000 कोड़ों की सजा को बरकरार रखा है। उन्हे ये सजा 'इस्लाम के अपमान' के कारण सुनाई गई थी।
इस साल जनवरी में सजा के तहत उन्हें 50 कोड़े मारे जाने का वीडियो सामने आने पर दुनिया में कई जगह इसका विरोध हुआ था। इसके बाद सऊदी प्रशासन ने सजा को पुनर्विचार के लिए भेजा था।
उनकी पत्नी और मानवाधिकार संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें पूरी सजा दी गई तो उनकी मौत हो सकती है।
यहां आलोचना बर्दास्त नहीं
सऊदी अरब ने 31 वर्षीय ब्लॉगर और एक्टिविस्ट रैफ बदावी ने 2008 में एक ऑनलाइन फोरम- लिबरल सऊदी नेटवर्क- बनाया था।
इसमें वो सऊदी अरब की धार्मिक और राजनीतिक नीतियों पर आलोचनात्मक लेख लिखते थे और बहस कराते थे। सऊदी अरब में राजनीतिक विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाता और इस बारे में वहां कड़े कानून हैं।
सऊदी अरब ने सजा के खिलाफ हुए विरोध को अपने आंतरिक मामलो में दखल बताया था। अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ जाने के बाद उनके हितैशियों को केवल शाह सलमान से ही उम्मीद बाकी है।