लड़की भगाने पर युवक को मिली जिंदगी भर की जेल
पुणे की एक विशेष अदालत ने इलाहाबाद के रहने वाले राजीव कुमार तिवारी उर्फ राजू को 2005 में एक लड़की का अपहरण करने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इस मामले में दो अन्य आरोपियों खाचू अहिरवार और उसकी पत्नी ममता अहिरवार जो मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के रहने वाले हैं उनको पांच साल के सश्रम कारावास की सजा मिली है।
अदालत के आदेश पर इस मामले पर सीबीआई ने फरवरी 2007 में एफआईआर दर्ज की थी जिस पर मंगवार को फैसला सुनाया गया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राजीव तिवारी अपने दो साथियों के साथ एक 20 वर्षीय युवती का 17 नवंबर 2005 को उसके घर से अपहरण कर लिया था।
लड़की के साथ राजीव का अफेयर था
राजीव तिवारी पर लड़की के अपहरण का आरोप लगा है लेकिन जांच में पता चला है कि अपहरण से पहले राजीव का लड़की के साथ अफेयर चल रहा था जिसे लड़की के पिता को उसके बारे में पता चल गया था। लड़की के पिता ने एक दिन राजीव को उससे मिलने के लिए मना कर दिया था।
इसके बाद राजीव तिवारी ने लड़की को इलाहाबाद जाने के लिए तैयार किया। राजीव ने अपने दोस्त एमपी के खाचू अहिरवार और उसकी पत्नी के साथ इलाहाबाद स्टेशन आने के लिए कहा। लेकिन खाचू अहिरवार लड़की को अपने साथ तो लाए पर उसे इलाहाबाद नहीं पहुचाया।
जांच में पता चला कि खाचू अहिरवार ने उस लड़की को झांसी के मोठ तहसील में किसी को 18 हजार रुपए में बेंच दिया। इसके बाद मोठ में लड़की को खरीदने वालों ने जबरन उससे विवाह किया। लेकिन धीरे-धीर लड़की के बारे में उसके परिवार वालों को पता चल गया। इसके बाद लड़की ने भी अपने घर को फोन करके बता दिया कि वह अपने पति के साथ खुश है और सिलुआ गांव मे रह रही है। लेकिन उसके पिता के शिकायत के बाद मामले की सीबीआई जांच हुई और लड़की को ले जाने वालों के खिलाफ आरोप दायर हुआ।