'मैं हैवान बन गया था जो महिला की लाश पर नीयत डोल गई'
"मैंने पहले सात बजे अंग्रेजी शराब का क्वार्टर पीया, फिर गांजे की चिलम ली। इसके बाद रात को 10 बजे के बाद देसी के दो क्वार्टर पीए। मेरे सिर पर शैतान सवार हो गया था और मैं सीधा कब्र पर पहुंच गया। अब बहुत ग्लानि हो रही है।"
ये इकबाल-ए-जुर्म उस शख्स का है जिसने इंसानियत को ताक पर रख हैवानियत की वो इंतेहा पार कर दी जिसको अंजाम देने के लिए खुद हैवान भी हजारों बार सोचे। जुर्म का ये कबूलनामा यूपी के फतेहपुर सीकरी के आरोपी राजेंद्र दीक्षित उर्फ रेंडा का है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्त में आने के बाद आरोपी ने अपने जुर्म पूरी दास्तां बयां की। पुलिस की मानें तो आरोपी रेंडा ने बताया कि नशे की हालत में उसके सिर पर शैतान सवार था जो महिला की लाश के साथ दुष्कर्म करने पहुंच गया।
हाथों से खोदी कब्र फिर ऊपर बैठकर बीड़ी पी और फिर...
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने कब्र हाथों से ही खोद डाली। फिर लाश के ऊपर बैठकर ही एक बीड़ी पी और काफी देर तक उसके साथ छेड़छाड़ करता रहा।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को इसका जरा भी अहसास नहीं था कि वह इतनी जल्दी पकड़ा जाएगा। लाश के साथ कुकृत्य करते उसे किसी ने देखा भी नहीं था। लेकिन लाश के पास छूटी पैंट और बीड़ी के टुकड़े ने उस सुराग का काम किया जिसके जरिए पुलिस के हाथ आरोपी के गिरेबान तक पहुंच गए।
पुलिस की मानें तो आरोपी ने को अपने अपने गुनाह का अहसास और आत्म गलानि है। वहीं आरोपी रेंडा ने कोर्ट में पेश होने के लिए जाते समय मीडिया से कहा कि उसने इतना गंदा काम किया है कि कोई जमानत नहीं कराएगा। उसकी पूरी जिंदगी जेल में कटेगी। नशे की लत के चलते ही परिवार पहले ही उससे नाता तोड़ चुका है।
लोगों ने पी लिया गुस्से का घूंट, दी सद्भाव की मिसाल
सीकरीवासियों ने इस हैवानी करतूत पर भी सद्भाव का संदेश दिया। कब्र में महिला के शव से दुष्कर्म का प्रयास मामले में एक बार तनाव के हालात बन रहे थे। लेकिन इससे पहले मामला भड़कता, बुजुर्ग आगे आए। रायशुमारी के बाद उन्होंने पुलिस से कहा कि आरोपी से पूछताछ सबके सामने की जाए।
आरोपी ने सबके सामने जुर्म कुबूला। इसके बाद सभी लोग शांति के साथ घर चले गए। आरोपी के परिवार ने उसकी हिमायत में एक शब्द तक नहीं बोला। पीड़ितों ने कहा कि केस सही खुला है, वे संतुष्ट हैं।
इस मामले को लेकर मनोचिकित्सक डॉक्टर दिनेश राठौर ने बताया कि जो लोग नेक्रोफीलिया नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित होते हैं। वो सामान्य रूप से शारीरिक संबंध बनाने में असहज रहते हैं। इसलिए अपने कुंठित भावों को शांत करने के लिए इस तरह की करतूतों को अंजाम देते हैं। लेकिन इस बीमारी का इलाज संभव है।