छठवीं पास 'डॉक्टर' ने की सर्जरी, मरीज की मौत
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नागपुर में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा हाइड्रोसील सर्जरी करने से एक मरीज की मौत हो गई। फर्जी डॉक्टर की इस गैरजिम्मेदाराना हरकत से परिवार के लिए रोटी कमाने वाले इकलौते सहारे की मौत हो गई।
रविवार देर रात वैष्णो देवी चौक पर हलचल मची रही। एक निजी नर्सिंग होम में उस युवक को मृत घोषित कर दिया गया। जिसकी एक फर्जी डॉक्टर ने शुक्रवार को सर्जरी की थी। पुलिस ने बताया कि सर्जरी करने वाला डॉक्टर छठवीं पास है। वह स्वागत नगर इलाके में फर्जी क्लिनिक चलाता है।
जिस मरीज की मौत हुई वह एक मजदूर था। सप्ताह भर पहले हाइड्रोसील की समस्या बढ़ जाने पर उसका चचेरा भाई विलास गार्डे स्वागत नगर स्थित उसके क्लिनिक ले गया था।
क्लिनिक चलाने वाला डी के दत्त खुद को कोलकाता का डॉक्टर बताता है और कोलकाता से डॉक्टरी की पढ़ाई करने का भी दावा करता है। मृतक के चचेरे भाई विलास ने बताया कि डॉक्टर ने उसको कम पैसे में इलाज का भरोसा देकर बहला लिया था। दत्त ने इलाज के लिए 5000 रुपए लिए थे।
शुक्रवार को डी के दत्त ने मरीज को सर्जरी के बाद छुट्टी दे दी थी। लेकिन घर पहुंचते ही उसे दर्द और बेचैनी होने लगी। हालत बिगड़ती देख घर वालों ने डी के दत्त को बुलाया लेकिन उसने इलाज से इनकार कर दिया। इस पर परिजन देशभरतार को लेकर वैष्णो चौक स्थित एक नर्सिंग होम में पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कलामना पुलिस स्टेशन प्रभारी वरिष्ठ निरीक्षक संपत चव्हाण ने बताया कि सर्जरी करने वाले डी के दत्त पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उसके डॉक्यूमेंट भी फर्जी हैं। डी के दत्त ने केवल छठवीं तक पढ़ाई की है।
कलामना पुलिस स्टेशन प्रभारी वरिष्ठ निरीक्षक संपत चव्हाण ने कहा कि नागपुर नगर निगम (एनएमसी) को ऐसे क्लिनकों की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।