'डीएम साहब 500 रुपये ले लो पर मेरा वोटर लिस्ट में जुड़वा दो'
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी नए नए नजारे देखने को मिल रहे हैं। वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर एक ही परिवार के तीन सदस्य अपना नाम जुड़वाने के लिए प्रार्थना पत्र लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे।
वहां जनता की शिकायतें सुन रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व को 500 रुपये की रिश्वत की पेशकश कर दी। उनके हाथों में रुपये देखकर एडीएम ने जमकर फटकार लगाते हुए स्टाफ से कहकर उनको वहीं बैठा लिया।
बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
रिश्वत देने वाले ने बताया अपना दुख
रिश्वत देने वाले मोहम्मद याकूब ने बताया कि वो ब्लॉक अफजलगढ़ के गांव सलावतपुर का रहने वाला है। उसने बताया कि उसके भाई मोहम्मद अय्यूब व बेटे बहारे आलम सहित करीब 100 ग्रामीणों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। उनको पंचायत चुनाव में वोट डालना है।
उन्होंने वोटर लिस्ट में नाम बढ़वाने के लिए तहसील दिवस में फरियाद की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे अपने भाई व बेटे के साथ प्रार्थना पत्र देने कलक्ट्रेट आए थे।
कलक्ट्रेट के पास में ही अपना प्रार्थना पत्र टाइप करा रहे थे तो टाइप करने वाले ने बताया कि अधिकारियों को रिश्वत दिए बगैर उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होगा। जिस बड़े अधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दें, साथ में 500 रुपये की पत्ती पकड़ा दें।
मोहम्मद याकूब ने बताया कि वो तो मजदूर आदमी है। उसे या किसी अन्य घरवाले को प्रधानी या किसी और पद के लिए चुनाव नहीं लड़ना है। वहीं तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व रमेश चंद्र के मुताबिक इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिश्वत देने व लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।