दोहरे हत्याकांड में दो लेस्बियन मित्रों समेत पांच लोगों को उम्रकैद
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दो महिलाओं के समलैंगिक संबंधों में बाधक बने एक महिला के पति और जेठ की हत्या के बहुचर्चित मामले में अपर सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाया।
हत्या की साजिश रचने परिवार की इस बहू और उसकी सहेली के साथ ही सुपारी लेकर हत्या करने वाले तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। फैसले के बाद सभी पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
यह घटना 19 अगस्त, 2007 को खुटार थाना क्षेत्र के सीतापुर गांव में आधी रात को हुई थी और इसमें प्यारेलाल के बड़े बेटे रामनरेश और छोटे बेटे सुरेश की हत्या हुई थी।
प्यारेलाल के मुताबिक घटना वाली रात वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर की छत पर सो रहे थे। सुरेश की पत्नी कमला भी छत पर ही सो रही थी।
बेटे की गर्दन पर मारी गोली
अचानक तीन लोग छत पर चढ़ आए और रामनरेश के गले में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावरों से छीना-झपटी के दौरान सुरेश को भी गोली लग गई।
अस्पताल ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई। इस बारे में प्यारेलाल ने अपनी छोटी बहू कमला और उसके साथ गलत संबंध रखने वाली सहेली शांति देवी के अलावा कुछ अन्य लोगों पर शक जताया था।
कहा था कि इससे पहले भी परिवार के लोगों ने खुदागंज क्षेत्र के गांव सिमौरा निवासी अविवाहित शांति और कमला के संबंधों पर आपत्ति जताई थी। बावजूद इसके कमला नहीं मानी थी।
पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली कहानी
शक के आधार पर पुलिस ने कमला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई। उसने बताया कि शांति से उसके समलैंगिक रिश्ते हैं।
पति, जेठ और ससुर इसमें बाधक बन रहे थे। शांति के संपर्क में रहने वाले पुवायां के सदापुर गांव निवासी विष्णु पाल, सिंधौली के शिवनगरा के रामेश्वर और दियुरिया गांव के गंगाराम का भी कमला के यहां आना-जाना था।
दोनों सहेलियों ने अपने इन तीनों परिचितों को सुपारी देकर कमला के परिवार वालों की हत्या करने के लिए राजी किया था। पुलिस ने 21 अगस्त, 2007 को विष्णु पाल, रामेश्वर और गंगाराम को गिरफ्तार कर लिया। उनसे तमंचा, कारतूस और तलवार आदि भी बरामद हुए थे।
सभी पर लगाया गया जुर्माना भी
सुनवाई के दौरान कोर्ट में कमला के ससुर प्यारेलाल और कमला के बेटे ने भी कत्ल की उक्त वजहों वाली कहानी पुष्ट की।
सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ शैलेंद्र पांडेय ने दोनों महिलाओं कमला और शांति के साथ ही हत्यारोपी विष्णु पाल, रामेश्वर और गंगाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने कमला पर 27 हजार रुपये, शांति पर 32 हजार रुपये एवं अन्य तीनों आरोपियों पर 34-34 हजार रुपये का जुर्माना अलग से लगाया है। जुर्माने की इस राशि से 25-25 हजार रुपये प्रतिकर के तौर पर मृतकों के विधिक उत्तराधिकारी को दिलाए जाएंगे।