परीक्षा में बैठने से रोका तो छात्र ने की आत्मदाह की कोशिश
बीएचयू में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय कार्यालय परिसर में विधि के एक छात्र ने अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। गनीमत थी कि आग लगाने के पहले ही सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।
फीस जमा न कर पाने की वजह से छात्र के परीक्षा देने पर रोक लगा दी गई थी, जिससे क्षुब्ध होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद उसे प्रॉक्टर ऑफिस ले जाया गया। बाद में उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति देकर मामले को शांत किया गया।
एलएलबी पंचम सेमेस्टर के छात्र सचिन कुमार श्रीवास्तव की फीस जमा न होने की वजह से, उसके परीक्षा में बैठने पर रोक लगा दी गई थी। इसके चलते वह कई दिन से परेशान था। देवरिया के नढ़ौली गांव निवासी सचिव भगवानदास हॉस्टल में रहता है।
फीस के लिए साथियों ने दिए 15 हजार रुपए
गुरुवार को परीक्षा शुरू हुई परीक्षा में सम्मिलित होने हॉस्टल से उसके तमाम साथी निकले तो उसका तनाव बढ़ गया। इसके बाद करीब दस बजे वह बाल्टी में केरोसिन लेकर केंद्रीय कार्यालय पहुंच गया। वहां कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले उसने अपने ऊपर पूरा केरोसिन उड़ेल लिया।
माचिस की तीली जलाने ही जा रहा था कि सुरक्षाकर्मियों ने दौड़कर उसे पकड़ लिया। इस घटना की जानकारी होने पर परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर फौरन प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम पहुंच गई। मामला तूल न पकड़े, इसलिए उसे प्राक्टोरियल बोर्ड के दफ्तर लाया गया।
मौके पर पहुंचे उसके सहपाठी प्रशांत त्रिपाठी और संकाय के शिक्षक डॉ. आरपी राय ने 15 हजार रुपये दिए तो उसकी फीस जमा की गई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई है। छूटी हुई परीक्षा वह बैक पेपर के तहत दे सकेगा।