लुटेरों से भिड़ गई डॉक्टर, कमिश्नर आवास के सामने हुई वारदात
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यूपी के मेरठ में कमिश्नर आवास के सामने दिनदहाडे़ लुटेरों ने कार सवार महिला डॉक्टर से लूटपाट करने की कोशिश की। महिला डॉक्टर साहस दिखाते हुए बदमाशों से भिड़ गई और लूट की वारदात होने से बचा ली। उधर पुलिस पर आरोप लगा है कि ट्रैफिक का एक दरोगा मौके पर मौजूद था, लेकिन उसने मदद नहीं की।
डिफेंस कॉलोनी, गंगानगर निवासी डॉ. अनुरिता सिंह पत्नी डॉ. राजीव सिंह मंगलवार दोपहर तीन बजे अपनी बेटी गौरी को कोचिंग इंस्टीट्यूट छोड़कर शास्त्रीनगर से कार से लौट रही थीं। कमिश्नर आवास के सामने जाम लगा हुआ था। इस दौरान लुटेरों ने दोनों साइड में खड़े होकर महिला डॉक्टर की कार के शीशे पर हाथ मारा।
महिला डॉक्टर ने शीशा नीचे उतारा तो एक लुटेरे ने सीट पर रखा बैग और मोबाइल फोन उठा लिया। यह देखकर महिला डॉक्टर ने एक हाथ से लुटेरे का गिरेबान पकड़ा और दूसरे हाथ से कार का हॉर्न बजाते हुए शोर मचा दिया।
हॉर्न बजता रहा, पुलिस देखती रही तमाशा
दोनों लुटेरों ने खुद को घिरा देखा तो मोबाइल फोन और पर्स कार में ही फेंककर झटका मारकर खुद को छुड़ाकर फरार हो गए।
महिला डॉक्टर का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने चौराहे पर मौजूद ट्रैफिक दरोगा ओमपाल सिंह को इसकी जानकारी दी गई। लेकिन दरोगा ने उनकी एक नहीं सुनी। जिसके बाद महिला डॉक्टर ने घर पर आकर अपने पति को घटनाक्रम बताया। बाद में डॉ. राजीव सिंह ने एसएसपी आवास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
महिला डॉक्टर का कहना है कि लुटेरों पर चाकू था, लेकिन तमंचा या पिस्टल नहीं था। अंदेशा है अगर बदमाशों पर तमंचा या पिस्टल होती तो वह खुद को घिरा होने पर उनको गोली मार सकते थे। डॉक्टर का शक है कि पुलिस की मिलीभगत से लुटेरों ने वारदात करने की कोशिश की है।