20 रुपए के लिए सिपाही ने महिला को बोगी से घसीटकर पीटा
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महानंदा एक्सप्रेस से कानपुर से बरौनी जा रही एक नि:शक्त महिला को नैनी जीआरपी के सिपाही ने महज बीस रुपये के लिए बोगी से घसीट कर पीटा। नि:शक्त महिला को पिटता देख बोगी में बैठे यात्री बाहर निकले और सिपाही को दौड़ाया तो वह मौके से भाग निकला।
बिहार के बरौनी फुलवरिया पोखर की रहने वाली सुलेखा खातून (40) पत्नी मोहम्मद कलीम पैर से नि:शक्त है। वह लहसुन का छोटा-मोटा व्यापार करती है।
मंगलवार को वह कानपुर से लहसुन खरीदकर बरौनी अपने गांव में बेचने के लिए महानंदा एक्सप्रेस से जा रही थी। तकनीकी खराबी आ जाने के कारण ट्रेन नैनी के प्लेटफार्म नंबर एक पर एक घंटे रुकी रही।
मारे कई थप्पड़
इसी दौरान नैनी जीआरपी में तैनात एक सिपाही प्लेटफार्म नंबर एक पर ड्यूटी पर था। बोगी और प्लेटफार्म पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सिपाही ने महिला से तीन गठरी लहसुन के बारे में पूछा और उससे बीस रुपये मांगने लगा।
नि:शक्त महिला ने पैसे देने में असमर्थता जतायी तो सिपाही ने उसे बोगी से घसीटकर नीचे उतार दिया और कई थप्पड़ मारे। महिला को पिटता देख वहां मौजूद यात्री लपके और सिपाही को दौड़ाया तो वह भाग निकला।
लोगों के अनुसार जीआरपी सिपाही के नेम प्लेट पर अजय कुमार सिंह लिखा हुआ था। सूचना पर आरपीएफ के सिपाही मौके पर पहुंचे और महिला से पूछताछ की। इसके बाद सिपाहियों ने उस महिला को पुलिस चौकी भेजने के बजाय ट्रेन में बैठा दिया। कुछ देर के बाद ट्रेन रवाना हो गई।