भाई की बीवी से अवैध संबंध, हुआ कत्लेआम
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यूपी के अतरासी-हसनपुर रोड पर 15 फरवरी की रात तीन बदमाशों की हत्या से पर्दा उठ गया है। दिल्ली के दो कुख्यात बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
तिहाड़ जेल में बंद एक अपराधी ने अपने भाई की हत्या और उसकी बीवी से अवैध संबंध बनाने की दुश्मनी के चलते दिल्ली के शार्प शूटरों से अपने दुश्मन शहनवाज और उसके तीन साथियों की हत्या कराई थी।
पुलिस ने पकड़े गए दोनों दिल्ली के अपराधियों के पास से असलहे बरामद किए हैं।
दिल्ली के कुख्यातों ने मार डाले थे तीन साथी
बता दें कि 16 फरवरी को तड़के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के भूतखदेड़ी गांव के पास अतरासी मार्ग के किनारे तीन शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। गांव के प्रधान की सूचना पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
घटना स्थल पर तीनों मृत व्यक्तियों के पास से 9 एमएम पिस्टल, 34 कारतूस व 02 मोबाइल भी मिले थे।
बाद में तीनों की शिनाख्त दिल्ली में अपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले अरशद पुत्र शाहिद हुसैन निवासी मंडी चौक जेएस इंटर कालेज अमरोहा, माजिद उर्फ भूरा पुत्र मोहल्ला हुसैन निवासी गली 18 जाफराबाद दिल्ली, शहनवाज पुत्र मो यूसुफ निवासी गली 21 मकान नंबर 457 मोहल्ला जाफराबाद दिल्ली के रूप में की गई थी।
तीनों शवों के रहस्य से उठा पर्दा
मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही थी। पता चला था कि तीनों तिहाड़ जेल से कुछ दिनों पूर्व ही जमानत पर आए थे।
शुक्रवार को हसनपुर के प्रभारी निरीक्षक और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर गजरौला मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास सगे भाई मुमताज और मोहम्मद कमर पुत्रगण मोहम्मद उमर निवासी मकान नंबर जीई 14-404 न्यू सीलमपुर थाना सीलमपुर को सुबह 7:50 बजे गिरफ्तार किया।
तलाशी लेने पर एक तमंचा 315 बोर व 3 जिंदा कारतूस बरामद किए। शस्त्र अधिनियम का मुकदमा कायम कर दोनों को जेल भेजा। गिरफ्तार दोनों अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी है। पुलिस अधीक्षक ने इन पर पांच पांच हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था।
कैसे हुई दोस्ती, कैसे बने संबंध?
दोनों अपराधियों ने पूछताछ में तीनों अपराधियों की हत्या का खुलासा किया और बताया कि मृतक शहनवाज की दोस्ती सैवर पुत्र साबिर अली निवासी गली नंबर-2 चांदबाग थाना भजनपुरा दिल्ली से थी।
यह दोनों साथ-साथ अपराध करते थे। सैवर एक हत्या के मामले में जेल चला गया। इसी दौरान शहनवाज की दोस्ती सैवर की पत्नी से हो गयी। जेल से जब सैवर जमानत पर आया तो शहनवाज की अपनी पत्नी से प्रगाढ़ दोस्ती के बारे में जानकारी हुई, और शहनवाज को मारने के लिये पीछे लग गया।
लेकिन इससे पूर्व ही शहनवाज व उसके साथियों ने मिलकर सैवर की हत्या कर दी। सैवर की हत्या में शहनवाज व उसके साथी तिहाड़ जेल गये। तिहाड़ जेल में सैवर का भाई आसिफ उर्फ समीर उर्फ लंबू पुत्र साबिर अली निवासी गली नंबर-2 चादबाग थाना भजनपुरा दिल्ली, जो एक हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।