फेसबुक पर 3 लाख में बिक रही है किडनी!
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फेसबुक पर अब किडनी भी बिकने लगा है, जी हां, इस सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट सक्रिय है। यह सनसनीखेज खुलासा किया है यूपी सरकार में बतौर आईजी तैनात आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने।
इस संबंध में उन्होंने एक एफआईआर दर्ज करने के लिए लखनऊ के गोमतीनगर थाने में एक तहरीर भी दी है। अपनी तहरीर में अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि नोएडा में रहने वाले उनके मित्र प्रतीक जैन से किडनी रैकेट के एक एजेंट ने सम्पर्क किया।
उनकी किडनी के बदले तीन से चार लाख रुपए की पेशकश की। उस व्यक्ति ने प्रतीक को अपना मोबाइल नंबर भी दिया। इस नंबर पर दलाल से बातचीत के बाद अमिताभ ठाकुर ने पुलिस को किडनी रैकेट चलाने वालों के खिलाफ तहरीर दी है।
फेसबुक पर अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट सक्रिय
अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उनके परिचित प्रतीक को अनुराग जोशी नाम के किसी व्यक्ति ने फेसबुक पर किडनी की जरूरत होने का मैसेज और अपना मोबाइल नंबर भेजा था।
आगरा के प्रतीक नोएडा में एचसीएल में नौकरी करते हैं। प्रतीक के संपर्क करने पर जोशी ने उसकी उम्र पूछी। जोशी का कहना था कि उम्र जितनी कम होगी, किडनी उतनी ही जल्दी और अच्छे दाम पर बिकेगी।
प्रतीक की उम्र के हिसाब से जोशी ने उसकी किडनी के बदले साढ़े तीन से चार लाख रुपये देने की बात कही। जोशी ने कहा कि किडनी देने वालों के पास पासपोर्ट होना चाहिए। किडनी विक्रेता को पहले पुणे और ईरान जाना होगा।
तीन से चार लाख रुपए किडनी की कीमत
जोशी के मुताबिक यह सारा खर्च किडनी लेने वाला ही उठाएगा। जोशी ने प्रतीक को लेन-देन के लिए बैंक अकाउंट के सभी डिटेल भी बता दिए। प्रतीक से जानकारी पाकर अमिताभ ठाकुर ने भी सोमवार को अनुराग जोशी से फोन पर बातचीत की।
जोशी ने ठाकुर से भी वही बातें दोहराई। उम्र के बारे में पूछने पर जोशी ने ठाकुर की किडनी के बदले तीन लाख रुपये देने को कहा। उसने ठाकुर से कहा कि तुम्हारी उम्र अधिक है इसलिए किडनी खरीदने वाले व्यक्ति को ढूंढने में वक्त लगेगा।
जोशी ने कहा कि कम उम्र वाले व्यक्ति की किडनी तत्काल बिक जाएगी। उसने अमिताभ ठाकुर को कम उम्र का किडनी व्रिकेता ढूंढकर लाने का ऑफर भी दिया। प्रतीक की बातों की पुष्टि करने के बाद अमिताभ ठाकुर ने गोमतीनगर पुलिस को इस रैकेट के खिलाफ तहरीर दी।
गरीब लोगों के लिए अत्यंत घातक है यह
अमिताभ ठाकुर का कहना है कि अनुराग जोशी किसी का फर्जी नाम भी हो सकता है। अगर पुलिस गहराई से छानबीन करेगी तो किडनी खरीदने-बेचने के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अनुराग जोशी अवैध किडनी तथा अंग-प्रत्यारोपण के बड़े गैंग से संबंधित व्यक्ति है और फेसबुक व सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क कर यह काम कर रहा है। भारत के गरीब लोगों के लिए यह अत्यंत घातक है।
कोई भी व्यक्ति गरीबों को फुसलाकर उनकी किडनी बिकवा सकता है। वह खुद भी अनुराग जोशी की तरह दलाल बन सकता है। अमिताभ ठाकुर का कहना है कि किडनी खरीदने वाले दलाल से बातचीत की रिकार्डिंग उनके पास मौजूद है।
ओडिशा में किडनी चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश
वहीं दूसरी तरफ ओडिशा की कटक पुलिस ने अंग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त आरपी शर्मा ने मंगलवार को बताया कि एक निर्धन महिला पद्मिनी नायक की रुपये के बदले किडनी चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया।
तस्करी में लिप्त शर्मिष्ठा जेना नामक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि महिला के बयान के आधार पर पता चला कि उसे रुपये का लालच देकर एक ऑपरेशन कराने को कहा गया और एक निजी अस्पताल में उसकी किडनी निकाल ली।
उन्होंने बताया कि महिला के परिवार की ओर से दिए गए कागजों की पड़ताल में सामने आया है कि अंगदान की आड़ में ये खेल चल रहा था। अंगदान के सभी कागजात फर्जी हैं। महिला का पति एक रिक्शा चालक है, जिसे ढाई लाख रुपये का लालच दिया गया था और 50 हजार रुपये पहली किस्त के तौर पर दे दिए थे।