चर्च में बच्ची से रेप, पादरी को 40 साल की जेल
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केरल में धर्म की आड़ में नाबालिग युवती के साथ दुराचार करने वाले एक पादरी को 40 साल तक सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इसे घिनौना कृत्य करार देते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत सजा सुनाई।
त्रिशूर स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश केपी सुधीर ने स्थानीय चर्च के एक पादरी सनिल के जेम्स (35) को 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ दुराचार करने का दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई। कोर्ट ने सनिल पर 20 हजार रुपए का जुर्माना और लड़की को 3 लाख रुपए बतौर हर्जाना देने के भी आदेश दिए।
पुलिस के मुताबिक सनिल स्थानीय चर्च में पादरी थे। लड़की अक्सर चर्च में आती थी। अप्रैल 2014 में एक दिन लड़की अपने भाई-बहनों के साथ चर्च में आई। इसी दौरान पादरी ने टीवी चालू कर दिया जिससे की वहां मौजूद बच्चों का ध्यान भटकाया जा सके। मौका पाते ही सनिल लड़की को अपने कमरे में लेकर गया जहां उसके साथ दुराचार किया।
दूसरा भगवान मानते हैं
इस घटना का खुलासा फरवरी 2015 में उस वक्त हुआ जब बाल कल्याण समिति ने लड़की के स्कूल में एक परामर्श सत्र का आयोजन किया। विशेष लोक अभियोजक पियोस मैथ्यू के मुताबिक काउंसलिंग के दौरान एक दूसरी लड़की परामर्शदाताओं के पास आई और बताया कि जेम्स ने उसका बलात्कार किया है।
इस दौरान उसने कई अन्य लड़कियों के साथ हुए दुराचार का भी खुलासा किया। मैथ्यू के मुताबिक अभी उस लड़की का भी मामला कोर्ट में लंबित है।
मैथ्यू ने बताया कि युवती इसलिए पहले आगे नहीं आई क्योंकि वह घबरा रही थी। उन्होंने बताया, 'पहले तो परिवार वालों को इस बात का विश्वास ही नहीं हुआ की एक पादरी भी ऐसा कर सकता है। क्योंकि लोग पादरी को दूसरा भगवान मानते हैं।'