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दूसरे प्रेमी से कराई पहले प्रेमी की हत्या

Sun, 24 Aug 2014 09:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 24 Aug 2014 09:48 PM IST
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kanpur murder case
हत्या की ये कहानी कानपुर के नारामऊ की है। जहां एक शख्स की हत्या उसकी पुरानी प्रेमिका ने अपने दूसरे प्रेमी से करा दी। इस वारदात में उसने अपने दो बेटों, खुद के नए प्रेमी और उसके बड़े भाई छोटे का साथ लिया।
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दरअसल, लियाकत अपनी प्रेमिका सोनू से उसके नए रिश्ते का विरोध करता था। यह विरोध ही उसके लिए काल बन गया। बिठूर पुलिस के मुताबिक हत्याकांड का पूरा खुलासा छोटे ने किया। छोटे ही वह शख्स है जो वारदात के दिन लियाकत को घर से ले गया था। उसे पुलिस ने शुक्रवार दोपहर बिठूर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

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जानकारी के मुताबिक चौकीदार लियाकत अली का शव 11 अगस्त को फार्म हाउस के पास जंगल में मिला था। शव का काफी हिस्सा सड़ गया था। उसे चेहरा कूंचकर मारा गया था। लियाकत छह अगस्त से लापता था। परिवार में पत्नी मुन्नीनिशां और एक बेटा बादशाह है।
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प्रेमी के भाई छोटे ने पुलिस को बताई पूरी कहानी

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मुन्नीनिशां ने नानकारी निवासी छोटे वाल्मीकि, प्रेमगांव के पप्पू वाल्मीकि, पप्पू की पत्नी सुनीता और नारामऊ के संतोष वाल्मीकि को नामजद किया था। साथ ही लियाकत और सुनीता के अवैध संबंध भी उजागर किए थे।

थानाध्यक्ष संतोष कुमार त्रिपाठी के मुताबिक पूछताछ में पप्पू की कोई भूमिका सामने नहीं आई। वह लियाकत और सुनीता के बीच अवैध संबंध के चलते सुनीता से दूरी बना चुका था। उसे फिलहाल क्लीन चिट दे दी गई। छोटे पकड़ा गया तो कत्ल की पूरी कहानी सामने आ गई।

हालांकि अभी तक मुख्य आरोपी सुनीता और सोनू पकड़ में नहीं आ पाए हैं। पुलिस ने बताया कि सुनीता की उम्र 45 साल और लियाकत की 55 साल है। इस गैप के चलते सुनीता ने सोनू से करीबी बना ली। दोनों में संबंध हुए और गुपचुप तरीके से कुछ महीने पहले प्रेम विवाह भी कर लिया।

हत्या में सुनीता के दो बेटों की भी भूमिका

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लियाकत सुनीता को सोनू से दूर रहने को कहने लगा। ऐतराज पर सोनू को अपने चहेते पुलिस वालों से धमकी भी दिलाई। लियाकत का दबाव बढ़ता देख सुनीता ने उसे ठिकाने लगाने की ठान ली। उसने बहाने से लियाकत को घर बुलाया। शराब पिलाई।

लियाकत ने दबाव बनाया तो सुनीता ने गाल पर थप्पड़ जड़ दिए। बहस हुई तो लियाकत ने बर्बाद कर देने की धमकी दे डाली। सुनीता ने झांसा देकर लियाकत से माफी मांगी और फिर बहाने से परगही बांगर के जंगल के पास ले जाकर हत्या करा दी। थानाध्यक्ष का दावा है कि इस हत्या में सुनीता के दो बेटों की भी भूमिका है।
यूपी में क्यूं नहीं थम रही ऐसी दरिंदगी?

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