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नहीं होगा मनीषा का प्रेगनेंसी टेस्ट

Thu, 18 Sep 2014 06:16 PM IST
Updated Thu, 18 Sep 2014 06:16 PM IST
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Jyoti Murder Case kanpur

कानपुर का हाईप्रोफाइल ज्योति मर्डर केस में एक नया अपडेट है। मुख्य आरोपी पीयूष की प्रेमिका मनीषा मखीजा का प्रेग्नेंसी टेस्ट नहीं होगा। सीएमएम सत्यदेव गुप्ता ने बचाव पक्ष की अर्जी खारिज कर दी है।

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मनीषा मखीजा के अधिवक्ता कमलेश पाठक ने सीएमएम कोर्ट में अर्जी दी थी कि मनीषा के प्रेग्नेंट होने की बातें की जा रही हैं। इससे समाज में उसकी छवि बिगड़ रही है। सच सामने लाने के लिए मनीषा का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया जाए।
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सीएमएम कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद बुधवार को इस अर्जी पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा है कि विवेचना और मनीषा मखीजा का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने से कोई संबंध नहीं है।
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पूर्व में विवेचना अधिकारी ने मनीषा का मेडिकल टेस्ट बोर्ड से करवाने की अर्जी दी थी। इसमें प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने की अनुमति भी मांगी गई थी। तब भी इस अर्जी को खारिज कर दिया गया था।

पुलिस की जांच पर उठा सवाल

Jyoti Murder Case kanpur

उल्लेखनीय है कि इस हाईप्रोफाइल ज्योति हत्याकांड पर पूरे देश की नजर है। इसमें ज्योति के पिता पुलिस की जांच पर सवाल उठा चुके हैं। ज्योति के पिता शंकर लाल नागदेव ने आरोप लगाया था कि कानपुर एक विधायक और दो उद्योगपति पीयूष और मनीषा की मदद कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन पर बेवजह दबाव बना रहे हैं। जेल में आरोपियों को सुविधाएं दिलाने के लिए पैरवी भी कर रहे हैं।

ऐसे में सबूतों से छेड़खानी या उन्हें मिटाने की कोशिश की जा सकती है। इस कांड में सबसे अहम डीएनए टेस्ट है, लेकिन इसके बाद भी आरोपियों के सैम्पल लेने की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। जबकि पुलिस छोटे-छोटे मामले में पुलिस वीडियोग्राफी कराती है। इससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठता है।

कोर्ट के आदेश के मुताबिक पुलिस शुक्रवार की दोपहर हत्यारोपी पति पीयूष, ड्राइवर अवधेश, रेनू, सोनू और आशीष को लेने जेल पहुंच गई। पुलिस उन्हें उर्सला ले गई, जहां पर उन्हें एक रूम में ले जाया गया।

तभी दागी दरोगा शिव कुमार राठौर यानि इस केस के विवेचक ने आरोपियों को ब्लड बैंक में लाने के लिए कहा। जहां पर ब्लड डोनेट करने वाले रूम में उन्हें ले जाया गया। वहां पर उनकी हथकड़ी खोल दी गई थी।

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