फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   jyoti murder case, kanpur

ज्योति हत्याकांड: पीयूष की हवस से कोई नहीं बचा!

Thu, 28 Aug 2014 03:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 28 Aug 2014 03:15 PM IST
विज्ञापन
jyoti murder case, kanpur

पीयूष को पाने के लिए मनीषा ने भले ही ज्योति के कत्ल से अपने हाथ रंग डाले, लेकिन पीयूष पर हवस इस कदर सवार थी कि उसने अपनी कॉलेज फ्रेंड्स, पड़ोसी, रिश्तेदार, फैक्ट्री कर्मचारी, बिजनेस पार्टनर्स यहां तक की घर की नौकरानी को भी नहीं छोड़ा।

विज्ञापन


उसके पार्टी की सर्किल में आने वाली अरबपति परिवारों की बेटियों समेत अब तक 9 लड़कियों से उसके अवैध संबंध होने की बात सामने आ चुकी है। इससे आजिज पुलिस अधिकारियों ने तो यहां तक कह दिया कि पीयूष के संबंधों पर जांच की जाए तो कभी खत्म ही नहीं होगी।
विज्ञापन


इसलिए वो सिर्फ वारदात पर ही फोकस कर रहे हैं। हालांकि जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पीयूष की मां के लाड़ ने उसे बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां तक कि जब ज्योति ने पीयूष की अय्याशियों की शिकायत उसकी मां से की तो भी वह जानबूझ कर शांत रहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

तो बढ़ जाएंगी पीयूष के परिवार की मुश्किलें

jyoti murder case, kanpur

ज्योति के कत्ल की जांच में उसकी डायरियों से जो जानकारियां मिली हैं, उसके आधार पर पीयूष के परिवार पर भी काफी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक ज्योति की डायरी से पता चला है कि उसने पीयूष को लेकर कई बार उसकी मां से शिकायत की।

लेकिन कुछ नहीं हुआ और ऐसा भी संभव नहीं दिखता कि उसके परिवार को पीयूष की अय्याशियों की कोई खबर नहीं थी। ससुराल में ज्योति ने घुटन होने जैसी चीजें भी लिखी हैं। ऐसे में मामला उसके उत्पीड़न का भी बनता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस एंगल पर भी जांच हो सकती है।

वहीं, कत्ल से पहले ज्योति को अपनी हत्या का अहसास हो गया था। वारदात से करीब आधा घंटा पहले ज्योति ने अपनी बुआ मोनिका से मोबाइल में बातचीत के दौरान अपनी हत्या की आशंका जता दी थी।

अपने वैवाहिक जीवन से खुश नहीं थी ज्योति

jyoti murder case, kanpur

ज्योति के मायके जबलपुर गई कानपुर पुलिस को मोनिका ने यह बात बताई है। पुलिस ने ज्योति के माता-पिता और करीबी रिश्तेदारों समेत कई लोगों से पूछताछ की है। ज्योति की पर्सनल अलमारी खुलवाकर कुछ दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।

पुलिस टीम तीन दिन तक जबलपुर में रहकर पड़ताल कर सबूत जुटाएगी। वहीं पुलिस की एक टीम लखनऊ गई है। वह पीयूष और मनीषा समेत सभी हत्यारोपियों की कॉल डिटेल का संबंधित कंपनियों से प्रमाण पत्र ले रही है।

मोनिका ने बताया कि ज्योति अपने वैवाहिक जीवन से खुश नहीं थी। पीयूष उससे अच्छे ढंग से बात नहीं करता था। दूरी बनाकर रखता था। पीयूष उसके सामने मोबाइल पर दूसरी लड़कियों से प्यार भरी बातें करता है। मनीषा से पीयूष की नजदीकियों से बारे में भी ज्योति ने उन्हें बताया था।

सीएम ने दिलाया न्याय का भरोसा

jyoti murder case, kanpur

सीएम अखिलेश यादव ने गुरुवार को ज्योति के पिता शंकर लाल नागदेव से मोबाइल पर बात की। शंकर लाल के मुताबिक सीएम ने ज्योति की हत्या की निंदा की। कहा कि दुख की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं।

हत्यारोपियों के साथ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। शंकर लाल ने बताया कि सीएम ने उन्हें मुलाकात के लिए 11 और 12 तारीख का समय दिया है। वह परिवार के साथ लखनऊ जाकर सीएम से मुलाकात कर आरोपियों को जेल में दी जा रहीं सुविधाओं की शिकायत करेंगे।

हरिद्वार के नारायणी घाट पर गंगा में ज्योति की अस्थियां विर्सर्जित की गई। ज्योति के भाई हितेश और चाचा नरेंद्र कटारिया अर्स्थियां लेकर गुरुवार की सुबह घाट पर पहुंचे थे। करीब दो घंटे के पूजन-पाठ और अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के बाद दोनों जबलपुर लौट गए।

फिल्म देखकर रची थी हत्या की साजिश

jyoti murder case, kanpur

पीयूष ने पत्नी ज्योति की हत्या की साजिश फिल्म देखकर रची थी। उसने रिमांड के दौरान पूछताछ में पुलिस को बताया कि कई फिल्मों में उसने देखा था कि एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को पाने के लिए क्या-क्या करता है।

इसके लिए वह अपनों को रास्ते से हटाने से भी नहीं चूकता है। फिल्म में हत्या को हादसा अथवा वारदात का रंग देने के लिए हीरो क्या फंडा अपनाते हैं। उसने भी फिल्म की स्क्रिप्ट से ज्योति की हत्या की साजिश रची थी।

रिमांड के दौरान ज्योति की हत्या की पूरा ढींकरा पीयूष ने अवधेश पर मढ़ दिया। उसने खुद को बेकसूर बताया तो अवधेश आपे से बाहर हो गया। उसने पीयूष को पुलिस अफसरों के सामने बेइज्जत किया। जमकर खरी-खोटी सुनाई। अवधेश ने यह तक कहा कि वह और उसके साथी पुलिस से लेकर कोर्ट तक में सच बोलेंगे। चाहे उन्हें फांसी क्यों न हो जाए पर तुम भी नहीं बचोगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed