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'जेल में नहीं रहना चाहती, बचा लो पापा'

Sat, 02 Aug 2014 03:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 02 Aug 2014 03:46 PM IST
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Joyti murder case

ज्योति की हत्या और साजिश में गिरफ्तार पीयूष की प्रेमिका मनीषा मखीजा शुक्रवार को जिला जेल में फूट-फूट कर रोई। कपड़े लेकर जेल में मुलाकात करने पहुंचे अपने पिता-माता से उसने कहा कि प्लीज बचा लिजिए।

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जेल में नहीं रह सकती हूं। यहां घुटन हो रही है। मुझसे गलती हुई है, इसके लिए माफ कर दीजिए। आगे से ऐसी गलती नहीं होगी।

मनीषा जिला जेल में महिला बंदियों के साथ बंद है। शुक्रवार की सुबह मनीषा के पिता-माता मुलाकात के लिए जेल पहुंचे और उसका हालचाल लिया। माता-पिता को देखते ही मनीषा रोने लगी। उसने कहा कि महिला बंदी अभद्रता कर रही हैं।
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यहां रहने, खाने और सोने की बड़ी दिक्कत है। कुछ महिला बंदी बेहद आक्रामक हैं। मारपीट कर सकती हैं। मैं जेल में नहीं रह सकती हूं। बेटी की व्यथा सुनकर मां भी रोने लगी। इससे पहले गुरुवार रात मनीषा जेल में सोई नहीं। सिर्फ एक रोटी खाई। पूरी रात बेचैन रही। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि मनीषा से मिलने उनके माता-पिता आए थे। कपड़े देकर गए हैं।

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पीयूष को सता रहा साथी बंदियों से पिटाई का डर

Joyti murder case

वहीं, ज्योति हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार पीयूष को साथी बंदियों से पिटाई का डर सता रहा है। यही वजह है कि पीयूष ने जेल अधीक्षक एके सिंह से खुद को मुलाहिजा बैरक से अलग रखे जाने की मांग की है, जिसे जेल प्रशासन ने खारिज कर दिया है।

जेल अधीक्षक ने कहा है कि मुलाहिजा बैरक में ही पीयूष को रखा जाएगा। पीयूष को बंदियों से खतरा नहीं है। दूसरी तरफ पुलिस ने शुक्रवार की सुबह 8 बजे पीयूष को रिमांड पर लिया। शाम छह बजे तक कड़ी पूछताछ की, फिर उसे जेल प्रशासन के सुपुर्द कर दिया।

दूसरी तरफ हत्यारोपी सोनू, रेनू और अवधेश को भी जेल में पहले से बंद कैदियों की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है। सूत्रों ने बताया कि अन्य बंदियों ने इन तीनों को मारने-पीटने की कोशिश की लेकिन जेलकर्मियों की सतर्कता से बच गए।

ज्योति को बहुत प्यार करता था, मैने नहीं मारा

Joyti murder case

ज्योति के पति पीयूष को पुलिस ने शुक्रवार सुबह 12 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की लेकिन कुछ उगलवा नहीं सकी। उसने खुद को बेकसूर बताते हुए पुलिस को सवाल-जवाब में खूब उलझाया। वह पुलिस को पहले दिए गए बयानों से पलट गया।

किसी सवाल के जबाव में मुकरने पर पुलिस उसे साक्ष्य दिखाती तो वह उसे कुबूल कर लेता। मीडिया को सामने देख कर उसने कहा कि वह ज्योति को बहुत प्यार करता था। उसने कुछ नहीं किया है। वह सच बोल रहा है, बाकी सब झूठ बोल रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि पीयूष से अभी पूरी पूछताछ नहीं हो पायी है। अभियुक्तों से बिना आमना-सामना कराए सही तथ्य निकलना मुश्किल है। इसलिए पीयूष की 10 दिन की और रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई है। वहीं अन्य अभियुक्तों की 14 दिन रिमांड की मांगी गई है।

बयानों से पलटता देख पुलिस ने भी बदला पैंतरा

Joyti murder case

पांडु नगर निवासी ज्योति की हत्या 27 जुलाई को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पति पीयूष श्याम दासानी, ड्राइवर अवधेश, उसके दोस्त सोनू, रेनू कनौजिया, आशीष और मनीषा माखीजा (पीयूष की प्रेमिका) को गिरफ्तार किया गया था।

शुक्रवार सुबह स्वरूप नगर थानाध्यक्ष एवं विवेचक शिवकुमार राठौर पीयूष को 12 घंटे की पुलिस रिमांड पर जेल से लेकर थाने आए। यहां पहले कुछ देर तक हवालात में रखा गया। फिर उपनिरीक्षक के कमरे में उसे बाकायदा कुर्सी पर बैठाया गया। आवभगत के साथ उससे पूछताछ शुरू की गई। हर सवाल के जवाब में पीयूष एक ही बात रटता रहा कि उसे झूठा फंसाया गया है।

वह ज्योति को बहुत प्यार करता था। उसके और ज्योति के अच्छे थे। पुलिस ने प्रेशर में आकर गलत फंसाया है। ज्योति के माता-पिता भी सहीं नहीं बोल रहे हैं। मीडिया भी उसकेबारे में गलत खबरें चला रहा है। पीयूष को पहले दिए बयानों से पलटता देख पुलिस ने भी पैंतरा बदला।

पुलिस ने मांगी है 10 दिन की और रिमांड

Joyti murder case

पीयूष को वारांडा रेस्टोरेंट के सीसीटीवी फुटेज दिखाए। फिर पूछा रेस्टोरेंट से नीचे उतरे थे। अवधेश से मिले थे, पांच सौ रुपये भी दिए थे। पीयूष ने जवाब दिया हां। 20 जुलाई को गंगा बैराज गए थे। बोला, हां पर ज्योति के साथ घूमने गया था। उसे मरवाने की साजिश नहीं थी।

मनीषा के बारे में पूछे जाने पर बोला, उससे दोस्ती और करीबी रिश्ते हैं। और कुछ नहीं। इस तरह से तमाम सवालों के जवाब पाने के लिए पुलिस को उसे ज्योति, अवधेश और उसकी कॉल डिटेल और मैसेज दिखाए गए।

रेस्टोरेंट और उसके पास स्थित कार शोरूम के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज दिखाकर सवाल पूछे गए। तब उसने कुछ सवालों के सही जवाब दिए। पर, कहा कि इससे यह कहां साबित होता है कि मैंने ज्योति की हत्या की साजिश रची थी। शाम को रिमांड की अवधि खत्म होने पर उसका मेडिकल कराया गया। इसके बाद फिर जेल में दाखिल कर दिया गया। थानाध्यक्ष का कहना है कि पीयूष से पूछताछ पूरी नहीं हो सकी है। उसकी 10 दिन की और रिमांड मांगी गई है।

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