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जान्हवी ने पुलिस को घूस देने की कोशिश की, खून में थी छ: गुना ज्यादा शराब

Fri, 12 Jun 2015 02:07 PM IST
Updated Fri, 12 Jun 2015 02:07 PM IST
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jhanvi gadkar drink and drive case

मुंबई के हाई प्रोफाइल ड्रंक एंड ड्राइविंग मामले में रोजाना नए तथ्य सामने आ रहे हैं। मामले की मुख्य आरोपी जान्हवी गडकर के खून में दुर्घटना की रात स्वीकृत सीमा से लगभग 7 गुना अधिक एल्कोहल की मात्रा थी।

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जांच रिपोर्ट के मुताबिक जान्हवी के 100 मिली खून में 200 मिलीग्राम शराब की मात्रा पाई गई, जबकि 100 मिली में 30 मिलीग्राम तक की मात्रा ही उचित मानी जाती है।
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मुंबई पुलिस के आला अफसर ने बताया कि जांच रिपोर्ट से जान्हवी के खिलाफ केस मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। मामला सोमवार शाम का है जब जान्हवी गडकर दक्षिण मुंबई से अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर के चेंबुर के अपने घर की तरफ लौट रही थी। ऑडी Q3 में सवार जान्हवी नशे में इतनी धुत थी कि उसे यह तक नहीं मालूम चला कि वह गलत दिशा में गाड़ी चला रही है। वह गलत फ्रीवे में जा घुसी और एक टैक्सी को टक्कर मार दी।
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टक्कर इतनी भयंकर थी कि टैक्सी ड्राइवर मोहम्मद सैय्यद(57) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि आगे की सीट पर बैठे सलीम साबुवाला (50) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। सलीम की बीवी हवीजा और बेटियां सादिया, सलमा को भी गंभीर चोटें आईं है और उनका इलाज चल रहा है। बेटे नोमान को मामूली चोटें आईं। है।

खुशी से मातम में बदल गया दिन

jhanvi gadkar drink and drive case

दुर्घटना की जांच करने वाले आरटीओ अधिकारियों ने गाड़ी की हालत देख कर कहा था कि गाड़ी की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी। सलीम साबुवाला एक व्यापारी था और अपने परिवार के साथ बेटे नोमान के एसएससी परीक्षाओं में अच्छा परिणाम आने की खुशी में भिवांडी से पार्टी मना कर लौट रहा था।

अपने पिता को खो चुके 16 वर्षीय नोमान ने बीते दिन को याद करते हुए कहा कि कैसे एक खुशी भरा दिन मातम में बदल गया। उसने बताया,''यह हादसा होने के कुछ समय के भीतर ही दूसरी तरफ की सड़क पर पुलिस वालों का एक समूह गुजरा था। उन्होंने यह सब देखा और वहां से चलते बने। वहां से गुजरने वाली अन्य गाड़ियां भी कुछ देर रुकीं पर किसी ने मदद नहीं की। आखिरकार एक टैक्सी वाला रुका और दूसरी टैक्सियां रोक कर मेरे मां बाप और बहनों को अस्पताल ले गया।''
 
नोमान ने बताया कि जान्हवी पूरी तरह नशे में धुत थी और उसे इस हादसे का कोई पछतावा भी नहीं था। वह तो खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। आखिरकार जब पुलिस वहां पहुंची तो उसने घूस देकर मामला रफा दफा करने की भी कोशिश की।

नोमान का कहना है कि जान्हवी को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। अगर कानून के रखवाले ही ऐसा करेंगे तो आम आदमी कहां जाएगा। उसे बेल नहीं मिलनी चाहिए और पासपोर्ट भी जब्त कर लिया जाना चाहि ताकि वह देश छोड़ कर भाग न सके। पुलिस भी इस मामले में आगे की कार्यवाही में जुटी है।

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