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जेल में बंदी ने पीयूष के मुंह पर थूका

Fri, 01 Aug 2014 07:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 01 Aug 2014 07:50 AM IST
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jail inmate spit on piyush face

पीयूष के जेल पहुंचते ही एक बंदी ने उसके मुंह पर थूक दिया। कहा इसने बीवी का विश्वास तोड़ा है। इसे जलालत ही मिलनी चाहिए। पीयूष की पहली रात जेल में करवटें बदलते कटी। बुधवार शाम को उसने सिर्फ एक रोटी ही खाई।

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रात में कंबल के बिछौने पर फर्श पर लेटा तो साथी बंदियों से कहने लगा कि घर की बहुत याद आ रही है। गुरुवार सुबह चाय देखकर मुंह बनाया तो बंदियों ने कहा, रईसजादे अब इसकी आदत डाल ले।
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लग्जरी गाड़ी में चलने वाले पीयूष को सुबह पुलिस की गाड़ी से 48 बंदियों के साथ कोर्ट भेजा गया।

जेल पहुंचते ही रोने लगा पीयूष

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गुरुवार को कचहरी में पेशी पर आए बंदियों ने बताया कि पीयूष बुधवार शाम जेल में पहुंचते ही रोने लगा था। बाद में मुलाहिजा बैरिक में पहुंचने पर उसे मसूर की दाल, पालक की सब्जी और रोटी दी गई तो वह खाना देखकर मुंह बनाने लगा। बाद में बमुश्किल एक रोटी खाई। उसे दो कंबल और दरी दी गई है। उसने दरी के ऊपर दो कंबल डाले और लेट गया लेकिन सो नहीं सका। रात में उसके रोने की आवाज सुनकर कुछ बंदी उठे और उसे समझाने लगे तो बोला घर की याद आ रही है।

गुरुवार सुबह नाश्ते में बन ब्रेड और चाय दी तो उसने बन ब्रेड लौटा दी। दो घूंट चाय पी और रख दी। जेल में उसके कपड़े भी नहीं पहुंचे थे इसलिए नहा भी नहीं सका। लोअर और शर्ट ही पहने रहा। सुबह उससे कहा गया कि तैयार हो जाए गाड़ी आ रही है कोर्ट जाना है। ठीक 11 बजे उसे कोर्ट भेज दिया गया।

जेलर एके सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पीयूष के साथ दो पक्का कैदी (सजायाफ्ता) लगाए गए हैं। देर शाम घरवालों ने पीयूष के कपड़े पहुंचा दिए थे। मुलाहिजा बैरिक में उसके साथ 73 बंदी हैं।

मनीषा की अंगूठी उतरवाई तो रोने लगी

jail inmate spit on piyush face

जेल सूत्रों के मुताबिक जेल में पहुंचते ही महिला कांस्टेबल ने मनीषा की अंगूठी उतरवाई तो वह रोने लगी। उसकी अंगूठी और अन्य सामान जमा कर दिया गया है। महिला बैरिक को देखकर उसने जोर-जोर से रोना शुरू कर दिया। वह एक ही बात कहे जा रही थी कि वह यहां नहीं रह सकती है। यहां नहीं सो सकती।

महिला कांस्टेबल ने उसे समझाया कि अब इसकी आदत डालनी होगी। शाम को खाना देने पर उसने खाने से इनकार कर दिया। जेलर एके सिंह ने बताया कि मनीषा की काउंसिलिंग कराई जा रही है।

सारे हत्यारोपी एक ही बैरिक में
जेल सूत्रों के मुताबिक देर शाम अन्य हत्यारोपी अवधेश, आशीष, रेनू और सोनू मुलाहिजा बैरिक में पहुंचे तो सभी लोग पीयूष की तरफ देखने लगे। इस पर पीयूष ने अपनी आंखें झुका लीं। जेलर एके सिंह ने बताया कि जेल प्रशासन सुरक्षा के लिहाज से इन चारों बंदियों को पीयूष के साथ नहीं रखना चाहता है। इसलिए शुक्रवार को इन्हें मुलाहिजा बैरिक से हटाया जा सकता है।

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