आईएस के आतंकी नौ साल तक की बच्चियों को बना रहे हवस का शिकार
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आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने ईराक और सीरिया में बर्बरता अपने दुश्मनों पर ही नहीं की है बल्कि मासूम बच्चियों को भी अपनी हवस का शिकार बनाया है।
महिलाओं और बच्चियों को सेक्स स्लेव बनाकर रखा जा रहा है,यही नहीं वह नौ-नौ साल की बच्चियों से सेक्स करने पर भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। सीरिया में राका जिसे इस्लामिक स्टेट ने अपनी राजधानी घोषित कर रखा है। जहां कभी सभी धर्म के लोग खुशहाल जीवन बिता रहे थे अब खून खराबे का गढ़ बनकर रह गया है। यहां दुनियाभर के लोगों को इंटरनेट के जरिए बहलाकर-फुसलाकर आईएस सदस्य बनाने की कवायद बदस्तूर जारी रहती है।
इस्लामिक स्टेट का लगाव कुरान से अधिक कलाशनिकोव हथियारों से है। कई लड़कियां उनके बहकावे में आकर सीरिया पहुंच जाती हैं फिर उन्हें जीवन एक जंग के समान लगने लगता है और वह इसके खत्म होने की आस में जीवन काटती हैं कि कब वह खत्म हो। आईएस लड़ाके उन्हें सेक्स स्लेव की तरह इस्तेमाल करते हैं।
एक युवती की कई शांदियां
लड़कियों की कई बार शादी करायी जाती है और कहा जाता है कि यह धर्म की सेवा है। आईएस ने जिहादी महिलाओं का एक ग्रुप अल-कान्सा ब्रिगेड तैयार किया हुआ है जो लोगों के बीच घुल-मिलकर यह जानने के प्रयास में रहती हैं कि कहीं कोई आईएस के खिलाफ दगाबाजी तो नहीं कर रहा है।
यह महिलाएं आईएस के महत्वपूर्ण सूचना तंत्र के रूप में कार्य कर रही हैं। साथ ही यह ब्रिगेड चकलाघर भी चलाती है। यहां अगवा की गईं क्रिश्चियन और यहूदी युवतियों और बच्चियों का इस्तेमाल आईएस लड़ाकों की सेक्स आग बुझाने के लिए किया जाता है।
साथ ही आईएस से सहयोग करने विदेश से आयी महिलाओं का इस्तेमाल सिर्फ लड़ाकों की यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए किया जाता है। वहां महिलाओं को सिर्फ उत्पाद समझा जाता है। आईएस के लड़ाके मांग करते हैं कि उन्हें किस तरह की और किस उम्र की महिला चाहिए।
एक महिला और 100 लड़ाके
आईएस के चंगुल से छूटकर भागी युवती ने बताया कि किस तरह उसे 100 लड़ाकों के साथ राते गुजारनी पड़ी। उसने बताया किस तरह ईस्ट लंदन से जिहादी महिला ब्रिगेड में शामिल आयीं तीन युवतियों के साथ जो हुआ, उनकी शादी करायी गयी, फिर तलाक और फिर दूसरे जिहादी से शादी।
ये युवतियां सिर्फ सेक्स स्लेव बनकर रह गयीं थीं। उसका कहना है कि जिहादी एक्सट्रामैरिटल रिलेशन, जिहाद-अल-निकाह करने को सही मानते हैं क्योंकि जिहादियों को इससे आराम मिलता है। जब आईएस ने पिछले साल राका पर कब्जा किया था तब उसने मांग की थी सभी लोग अपने घर की कुआंरी युवतियों को आईएस के जिहाद में शामिल होने और उनकी सेवा के लिए सौंप दें और जो ऐसा नहीं करेगा उसे इस्लाम का विरोधी समझा जाएगा।
साथ ही मेनिफेस्टो जारी कर कहा गया कि कोई भी लड़की जो नौ साल की हो गयी है उसकी शादी की जा सकती है और नाबालिग स्लेव से सेक्स करना कोई गुनाह नहीं है।