2020 तक भारत पर कब्जा करना चाहता है आईएस
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आईएस न केवल खौफनाक होता जा रहा है, बल्कि पश्चिमी देशों को इसने दहशत की चपेट में ले लिया है। पेरिस में छह स्थानों पर आतंकी हमले करने वाले इस संगठन ने वैश्विक महाशक्तियों की नींद उड़ा दी है। इसके तार 80 देशों के लोगों से जुड़े हैं। इस खूंखार संगठन का खलीफा इब्राहिम अल अव्वद अल बद्री उर्फ अबू बकर बगदादी है।
आईएसआईएस को अरबी में अल दौलतुल इस्लामिया फिल इराक वल शाम कहते हैं। शाम सीरिया का प्राचीन नाम है। हिन्दी में इराक और सीरिया का इस्लामी राज्य कहा जाता है।
आईएस का लक्ष्य इराक और लेवांत क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट की स्थापना और साल 2020 तक भारत पर कब्जा करना है।
नरसंहार के तरीके
कुर्दों, यजीदी अल्पसंख्यक समूहों, शिया मुसलमानों, तुर्कों, क्रिश्चनों की बेरहमी से हत्या।
सामूहिक नर संहार, गोली से उड़ाना, जिंदा जलाना, बंधक बनाना, गला रेतकर सामूहिक हत्या जैसे बर्बर तरीके।
महिलाओं, लड़कियों को बंधक बनाना, मौत के घाट उतारना, हवस का शिकार बनाना, दास की तरह बाजार लगाना बेचना।
कब्जा वाले क्षेत्र और आतंकियों की संख्या
सीरिया के होम्स, अल-रक्का, दायर अल जोर, अल-हसकाह, हमा, ओलेप्पो, दमिश्क के ग्रामीण क्षेत्र समेत नौ प्रांत पर कब्जा।
सीरिया के ओलेप्पो से लेकर पश्चिमी इराक में फलुज्जा, उत्तरी मोसुल तक पर नियंत्रण।
15 हजार से अधिक लड़ाकों के होने का अनुमान है। 80 देशों के लोग आईएसआईएस के नेटवर्क में बताये जा रहे हैं। करीब 60 लाख सीरियाई समेत अन्य इनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में हैं।
आर्थिक आधार
40 हजार बैरल तेल सीरिया के और 10 हजार बैरल इराक के तेल स्रोतों से निकाल कर बिक्री।
बैंक, व्यापारिक प्रतिष्ठान लूटना, लोगों पर कर लगाना, मानव तस्करी, फिरौती, जबरन वसूली।
दक्षिणी तुर्की से तेल की तस्करी, इराक में बैंक की स्थापना, बिना ब्याज के ऋण का ऑफर।
आईएसआईएस से लड़ाई पर खर्च
अमेरिकी सुरक्षा मुख्यालय, पेंटागन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 08 अगस्त 2014 से 31 जुलाई 2015 तक 3.5 अरब डॉलर खर्च।
जुलाई के बाद से प्रति दिन करीब 46 लाख डॉलर का खर्च। इसमें फ्रांस, रूस समेत अन्य देशों का खर्च शामिल नहीं।
इतिहास
अलकायदा से अबू बकर बगदादी ने उसके समर्थन और सहयोग से 2004 में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत (आईएसएल) का गठन किया।
लेवांत का आशय जॉर्डन, इस्राइल, फिलिस्तीन, लेबनान, कुवैत, साइप्रस, दक्षिणी तुर्की का कुछ भाग, सीरिया को मिलाकर बने प्रांत से है।
बाद में बगदादी अपने वफादारों के साथ अल कायदा से अलग हुआ और संगठन को मजबूती देनी शुरू की।
2009 में आईएसएल से आईएसआईएस बना। 2013 में आईएसआईस की बाकायदा रूपरेखा तैयार की गई।
जून 2014 में आईएसआईएस को बाकायदा इस्लामिक स्टेट के स्थापना की घोषणा की गई।
छापामार युद्ध
इराक और सीरिया की सरकारों के विरुद्ध छापामार युद्ध पद्धति, आत्मघाती हमलों आदि का प्रयोग।
इराक के रामादी के लिए संघर्ष। मोसुल पर कब्जा।