क्या इस फेसबुक पोस्ट के कारण जलाकर मारा गया यूपी का पत्रकार?
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शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की बुरी तरह जलने से हुई मौत से राजनीति हलकों में खलबली मची है। मौत के बाद में मीडिया में मचे बवाल से प्रदेश सरकार ने कुछ पुलिस कर्मियों को नीलंबित भी कर दिया। लेकिन अभी यह सवाल बना हुआ है कि क्या सच में सपा के बाहुबली मंत्री रामूर्ति वर्मा ने ही उनका कत्ल करा दिया?
पत्रकार ने खुद से आग लगाई या पुलिस ने जलाकर मार दिया यह तो जांच का विषय है, लेकिन इस पर अपनी मौत से कुछ समय पहले पत्रकार जगेंद्र सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर बातें लिखीं हैं उन बातों का संबंध इस घटना से जरूर हो सकता है।
पत्रकार जगेंद्र ने अपनी इस अंतिम पोस्ट के जरिए अखिलेश सरकार के आरोपी मंत्री राममूर्ति वर्मा की बेनामी सम्पत्ति का खुलासा किया है। उन्होंने इस पोस्ट के जरिए बताया है कि मंत्री वर्मा किस तरह से अपने पद के प्रभाव से राजनीति में अपना वर्चस्व बढ़ाते जा रहे हैं। पढ़िए पत्रकार की आखिरी फेसबुक पोस्ट-
जगेंद्र सिंह की आखिरी फेसबुक पोस्ट
पत्रकार जगेंद्र सिंह की यह आखिरी पोस्ट एक जून, सुबह 08:24 बजे की है।
*** रिंकू यादव के एमएलसी टिकट में रोड़े अटका रहे राममूर्ति ***
--- भितरघात और मौका परस्त राजनीति में माहिर हैं राममूर्ति वर्मा
शाहजहांपुर। राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा एमएलसी टिकट के प्रबल दावेदार अमित यादव उर्फ रिंकू की राह में रोड़े अटकाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। राममूर्ति ने रिंकू को राजनीति में आने से रोकने के लिए अपने कई करीबियों को टिकट की लाइन में लगवा दिया है।
दरअसल राममूर्ति सिंह वर्मा ने जिन लोगों को एमएलसी के टिकट के लिए लाइन में लगाया है उनके भी भले नहीं हैं। सपा में भितरघात कराकर वह एक हाथी वाले अपने करीबी को टिकट दिलाने की जुगत में लगे हैं।
आज भले ही विधायक राजेश यादव व सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां उनके कंधे से कधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हों, लेकिन सच यह है कि चेयरमैनी के चुनाव में उन्होने एक प्रत्याशी को मैदान में उतारकर तनवीर खां की राह में भी रोड़े अटकाए थे। विधानसभा चुनाव में उन्होने भाजपा प्रत्याशी की मदद की थी। भितरघात की पुरानी आदत के कारण बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। मौका परस्त राजनीति करने वाले राममूर्ति सिंह वर्मा 2017 में देखो किस पार्टी में नजर आएं।
इससे पहले वाली पोस्ट में भी पत्रकार जगेंद्र ने आरोपी मंत्री और सपा के खिलाफ और एक बलात्कार पीड़िता के पक्ष में लिखा था।
31 मई को लिखी पोस्ट और भी है खतरनाक
*** बलात्कारियों को बचाने में जुटे सपा नेता ***
--- राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा और उनके चार गुर्गो पर लगा है रेप का आरोप
--- गुंडों और पुलिस से पीड़ित महिला को धमकाया जा रहा है राजीनामा के लिए
शाहजहांपुर। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बलात्कार के मामले में पीडि़त महिलाओं की खिल्ली उड़ाते हुए एक बार कहा था कि जवानी में गलती हो ही जाती है। तब से सपाई उनके कहे रास्ते पर ही चल पड़े लगते हैं।
राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा और उनके गुर्गों पर एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने गैंगरेप का आरोप लगाया तो सारे सपा नेता बेशर्मी के साथ बलात्कारियों के पक्ष में जुट गए हैं। सपा नेत्रियां भी महिला होकर पीडि़त महिला के बजाय बलात्कारियों की वकालत करने में जुट गई हैं। शायद यह सपा नेता और नेत्रियां कल को यह भी कह दें कि बुढ़ापे में गलती हो ही जाती है।
पीड़ित महिला के पक्ष में अभी तक कोई आगे नहीं आया है। सभी को मंत्री और सत्ता का डर सता रहा है। पीडि़त महिला पर नेताओं, गुंडों व पुलिस का दबाव पड़ रहा है। ...वाकई यूपी गुंडों की हो गई है?
जगेंद्र की पत्नी ने लगाया पुलिस पर आरोप
हफ्ते भर पहले आग से झुलसे स्वंतत्र पत्रकार जगेंद्र सिंह ने सोमवार को लखनऊ के सिविल हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया था। जगेंद्र की पत्नी सुमन ने उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा और उनके भतीजे के इशारे पर शाहजहांपुर कोतवाली की पुलिस पर पति को जलाने का आरोप लगाया है। मामले में राममूर्ति वर्मा के खिलाफ मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
हालांकि पुलिस का कहना है कि जगेंद्र ने पुलिस दबिश के दौरान अपने घर में ही खुद को आग लगा ली थी।
जगेंद्र की पत्नी ने बताया कि जगेंद्र ने गैंगरेप के मामले में आरोपी राज्यमंत्री के खिलाफ कई खबरें लिखी थीं। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री के इशारे पर उन्हीं की कॉलोनी के अमित प्रताप भदौरिया ने बीती 12 मई को पति के खिलाफ जानलेवा हमला व अपहरण की धारा में रिपोर्ट लिखाई थी।
बीती एक जून की दोपहर करीब तीन बजे कोतवाली के इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय फोर्स लेकर उनके घर में घुस आए और बोतल में लाया गया पेट्रोल जगेंद्र के शरीर पर छिड़ककर आग लगा दी।
पेट्रोल डालकर लगाई आग
हफ्ते भर पहले आग से झुलसे स्वंतत्र पत्रकार जगेंद्र सिंह ने सोमवार को लखनऊ के सिविल हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। जगेंद्र की पत्नी सुमन ने उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा और उनके भतीजे के इशारे पर शाहजहांपुर कोतवाली की पुलिस पर पति को जलाने का आरोप लगाया है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि जगेंद्र ने पुलिस दबिश के दौरान अपने घर में ही खुद को आग लगा ली थी।
जगेंद्र की पत्नी ने बताया कि जगेंद्र ने गैंगरेप के मामले में आरोपी राज्यमंत्री के खिलाफ कई खबरें लिखी थीं। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री के इशारे पर उन्हीं की कॉलोनी के अमित प्रताप भदौरिया ने बीती 12 मई को पति के खिलाफ जानलेवा हमला व अपहरण की धारा में रिपोर्ट लिखाई थी।
बीती एक जून की दोपहर करीब तीन बजे कोतवाली के इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय फोर्स लेकर उनके घर में घुस आए और बोतल में लाया गया पेट्रोल जगेंद्र के शरीर पर छिड़ककर आग लगा दी।