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जासूसी के आरोप में IS ने काटे तीन लोगों के सिर

Fri, 15 May 2015 03:52 PM IST
Updated Fri, 15 May 2015 03:52 PM IST
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IS beheaded three people on streets

इराकी सरकार के लिए जासूसी करने का आरोप में इस्लामिक स्टेट के कट्टरपंथियों ने तीन लोगों के सिर काट दिए। उत्तर- पश्चिमी इराक के निनिवेह में ली गई तस्वीरों में तीन लोगों को आरोप और सजा कबूल करते हुए दिखाया गया है, वहीं मास्क पहने और हथियार लिए हुए गार्ड उनका सिर काट रहा है। तस्वीरों में तीनों को सिर झुका कर घुटने टेकते हुए और कट्टरपंथी को तलवार से उनका गला काटने से पहले बगल में खड़ा दिखाया गया है।

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आईएस के लिए सरेआम लोगों का गला काटना, उन्हें पत्थर मारना और कत्ल करने के अन्य बर्बर तरीके अपनाना जैसे एक आम बात हो गई है। इराक और सीरिया में आईएस के कट्टरपंथी शरिया कानून को सख्ती से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं जिसके मुताबिक अपराध की सजा सीधे मौत या शरीर के अंग काट देना है।

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बर्बता का आलम

IS beheaded three people on streets

पिछले कुछ महीनों में कट्टरपंथियों ने पुरुषों के गे साबित होने पर उन्हें छत से फेंक कर, शादी से बहर संबंध बनाने वालों को पत्थरों से मारकर मौत के घाट उतार कर, चोरों को चोरी करने पर उनके हाथ काटकर सजा दी है। इसी बीच यह भी सामने आया है कि ये क्रूर कट्टरपंथी बंदी बनाए गए बच्चों को जिहादी और मानव बम बनने पर मजबूर कर रहे हैं। सीरिया के आतंकी समूह रक्का और इराक के तल अफर के चरमपंथियों पर आरोप है कि वे जबरन युवा लड़कों को आतंकी प्रशिक्षण कैंप में युद्ध के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।

कई लड़कों को समूह की तरफ से डाले गए वीभत्स मर्डर वीडियो में भी दिखाया गया है। इराकी संसद के एक यजीदी सदस्य शेख शमो के साक्षात्कार के दौरान यह बात सामने आई कि आईएस यजीदी बंधक बच्चों को जिहादी और मानव बम बना रहा है।

सांसद ने कहा, ''सीरिया में रक्का द्वारा और मोसुल में तल अफर द्वारा बंधक बनाए गए बच्चों के लिए आईआईएस ने सेना के प्रशिक्षण कैंप लगाए हैं''। उन्होंने बोला, ''बीते महीनों में कई यजीदी महिलाएं, बच्चें और बूढ़े लोग उनके चंगुल से भाग निकलने और कुरदिस्तान पहुंचने में सफल रहे हैं, पर हमें यकीन है कि अभी भी 3000 से ज्यादा यजीदी आईएस की कैद में हैं।''

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