यूपीः तैनाती स्थल में ही परिवार सहित लुट गए दरोगाजी
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अब तो पुलिस भी लुटने लगी है, वो भी कहीं और नहीं अपने तैनाती वाले क्षेत्र में ही। मेडिकल क्षेत्र में दरोगा के परिवार से लूटपाट की वारदात को 24 घंटे भी नहीं हुए कि सरधना क्षेत्र में कांवड़ मार्ग गंग नहर पटरी पर दरोगा और उसके परिवार को गन प्वाइंट पर लेकर स्विफ्ट लूट ली गई।
दरोगा के ही क्षेत्र में वारदात को अंजाम देकर बदमाश आराम से फरार हो गए। मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित जाट कालोनी निवासी नरेंद्र मलिक एचसीपी (हेड कांस्टेबल प्रमोटेड) हैं और इन दिनों उनकी तैनाती सरधना कोतवाली क्षेत्र की सलावा चौकी पर है।
बड़ौत के पास सूप गांव में किसी रिश्तेदार की मौत हो गई थी। रविवार को तेरहवीं थी। दरोगा नरेन्द्र मलिक एक दिन का अवकाश लेकर रविवार सुबह 8:30 बजे मां सुशीला, पत्नी अंजू और बेटे सचिन के साथ स्विफ्ट कार से दौराला से गंग नहर पटरी कांवड़ मार्ग होते हुए सूप गांव जा रहे थे।
स्विफ्ट और मोबाइल फोन लूटा
कार बेटा चला रहा था। सरधना क्षेत्र में मानपुरी गांव के पास बदमाशों ने ओवरटेक करके अपनी सैंट्रो उनकी कार के आगे अड़ा दी। सैंट्रो में चार बदमाश थे, सभी के पास पिस्टल थी। दो बदमाश उतरे तथा सचिन बगल में बैठे दरोगा की कनपटी पर पिस्टल तानकर गोली मारने की धमकी दी।
सचिन से मोबाइल फोन लूटा और पूरे परिवार को कार से बाहर निकाल दिया। इसके बाद दोनों बदमाश स्विफ्ट में और बाकी दोनों अपनी सैंट्रो से दौराला गंगनहर पुल की तरफ भाग गए।0
राहगीरों की मदद से से दरोगा नरेन्द्र मलिक ने लूटपाट की सूचना सरधना कोतवाली पुलिस को दी, तो पुलिस में हड़कंप मच गया। बदमाशों को पकड़ने के लिए चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन बदमाश हत्थे नहीं चढ़ सके।
गहने नहीं, सिर्फ कार लूटी
इसके बाद दरोगा के बेटे सचिन की तहरीर पर सरधना थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इंस्पेक्टर सरधना मेहर सिंह ने बताया कि बदमाशों की तलाश में दो टीमें लगी हैं। मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लेकर काम किया जा रहा है।
बदमाशों का उद्देश्य सिर्फ दरोगा की कार लूटना था। कार दरोगा के बड़े बेटे नितिन के नाम है। नितिन राजस्थान में किसी कंपनी में नौकरी करता है। कुछ दिन पहले ही कार खरीदी थी। रजिस्ट्रेशन नंबर भी अभी नहीं लिया था।
खास बात यह है कि बदमाशों ने दरोगा और उसके परिवार को गन प्वाइंट पर लेकर कार से उतार दिया। महिलाओं ने गहने पहन रखे थे, मगर बदमाशों ने गहने नहीं लूटे। कार में दरोगा के बेटे सचिन का पर्स और अन्य सामान रखा था, वह कार में ही चला गया।