जिंदा इंसान की तरह कार में लाश ले गई थी इंद्राणी
शीना हत्याकांड में आरोपियों से पूछताछ में मुंबई पुलिस को कई हैरान करने वाली जानकारियां मिली हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया है कि शहर में लगी नाकेबंदी के डर से इंद्राणी और संजीव खन्ना से शीना के शव को कार डिग्गी में रखकर नहीं बल्कि अपने बीच में बैठाकर फेंकने गए थे।
पुलिस का कहना है कि दोनों प्रमुख आरोपियों इंद्राणी और संजीव खन्ना ने अपने बीच में कार की सीट पर शीना के शव को सीट में ऐसे रखा जैसे कोई जीवित व्यक्ति बैठा हो जिससे कि किसी को शक न हो कि वह मरी हुई है।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इंद्राणी और संजीव खन्ना ने एक किराए के वाहन में शीना के शव को मुंबई से रायगढ़ फेंकने ले गए। पुलिस के अनुसार जांच में यह भी पता चला है कि जब शीना के शव को कार की सीट में बैठाकर फेंकने ले जाया जा रहा था तब इंद्राणी शीना के सिर को अपने कंधे पर टिका रखा था।
हत्या का ये सीन पुलिस ने कोर्ट में बताया
मुंबई ने पुलिस ने सोमवार को बांद्रा कोर्ट में पहली बार हत्या के दौरान आरोपियों द्वारा उठाया गया एक-एक कदम की जानकारी दी। पुलिस ने अदालत को बताया कि शीना की हत्या 24 अप्रैल 2012 को की गई थी। हत्या के बाद शीना के शव को सूटकेस में रखकर इंद्राणी के पति और स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी के घर ले जाया गया।
वर्ली स्थित पीटर के घर की गैराज में कार खड़ी रही इसके बाद अगले दिन 25 अप्रैल को वहां इंद्राणी, संजीव खन्ना और उस वक्त के इंद्राणी के ड्राइवर श्यामवर राय पहुंचे। ड्राइवर ने शीना के शव को सूटकेश से निकालकर कार की सीट में रखा और फिर तीनों तीन घंटे के सफर के लिए तैयार हुए।
इसके पेन इलाके में घोगडे खुर्द में पहुंचने के बाद शीना के शव को दोबारा कार से निकालकर सूटकेस में भरकर कार की डिग्गी में रखा गया था। पुलिस ने इस घटना से जुड़े साक्ष्य भी अदालत में पेश किए।
गौरतलब है कि शीना की हत्या के आरोप में शीना की मां इंद्राणी, सौतेले पिता संजीव खन्ना और इंद्राणी के पूर्व ड्राइवर श्यामवर राय अभी पुलिस हिरासत में हैं। ड्राइवर श्यामवर राय पर शीना के भाई मिखाइल की हत्या का प्रयास करने का भी आरोप है क्योंकि उसने मिखाइल को नशीना पदार्थ दिया था।