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पति जेल में और वह प्रेमी के साथ जिंदा मिली

Wed, 30 Jul 2014 01:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 30 Jul 2014 01:29 PM IST
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husband in jail for her murder wife living with lover

दो साल पहले संदिग्ध हालात में लापता हुई जिस विवाहिता को मरा मान लिया गया था, वह मंगलवार को सही सलामत मिली। विवाहिता को गायब कराने के आरोप में पति समेत चार लोग जेल भी जा चुके हैं।

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पुलिस ने विवाहिता को महिला थाना भेजते हुए आरोपी प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। मामला मेरठ के मवाना इलाके का है।

पुलिस के अनुसार गांव भैंसा निवासी बाकेजहां पत्नी इश्तियाक दो साल पहले लापता हो गई थी। बाकेजहां के भाई नफीस पुत्र लियाकत निवासी बंतीखेड़ा शामली ने ससुराल वालों पर बाकेजहां को लापता करने का आरोप लगाते हुए पति सहित 9 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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कोर्ट मैरिज कर ली

husband in jail for her murder wife living with lover

जांच में नामजद चार महिलाओं के नाम निकाल दिए गए थे। जबकि पति इश्तियाक, जेठ दीनी, अशफाक, हफीज और नफीस पुत्र असलूब को जेल भेज दिया था। अशफाक और हफीज जमानत पर तीन चार दिन पहले ही बाहर आए हैं। वहीं पति और एक अन्य जेल में हैं।

किठौर थाना क्षेत्र में एक साल पहले मिले शव की बाकेजहां के भाई नफीस ने अपनी बहन के रूप में शिनाख्त की थी। वहीं आज नफीस को किसी रिश्तेदार ने बताया कि बाकेजहां गाठो वाला चौपले के पास देखी गई है। वे वहां पहुंचे और बाकेजहां व उसके प्रेमी फजलु को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, बाकेजहां का आरोप है कि ससुराल वाले शादी के बाद से ही मारते-पीटते थे। इससे नाराज होकर वह अपनी बहन के जेठ के साथ चली गई थी। बाद में उसे फजलु के सुपुर्द कर दिया। उसने फजलु के साथ कोर्ट मैरिज की बात स्वीकार की है।

किसी कसूर जेल में रहे ससुराल वाले

husband in jail for her murder wife living with lover

बिना किसी कसूर के ही बाकेजहां के ससुराल वाले जेल में रहे। अभी भी तीन लोग जेल में हैं। पीड़ित इश्तियाक के परिवार वालों का आरोप है कि बाकेजहां ने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया।

हम बराबर चिल्लाते रहे कि बाकेजहां के गायब होने में हमारा कोई हाथ नहीं, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। पुलिस से तो नहीं, ऊपर वाले से जरूर इंसाफ मिला।

लापता बाकेजहां तो मिल गई। लेकिन एक साल जिस शव की शिनाख्त बाकेजहां के रूप हुई थी, वो कौन थी? शव मिलने के बाद यह केस धारा 302 में तरमीम न करने के सवाल पर एसएसपी का कहना है कि संभवतः कुछ कारण रहे होंगे। पुलिस ने उस शव को बाकेजहां का नहीं माना होगा। अब नए सिरे से जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।

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