ज्योति हत्याकांड: पति ही निकला कातिल
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कानपुर के स्वरूपनगर के हाई प्रोफाइल ज्योति हत्याकांड में पुलिस ने शिकंजा कसते हुए मंगलवार को ज्योति के पति पीयूष श्याम दासानी और उसकी प्रेमिका को हिरासत में ले लिया। प्रेमिका पीयूष की ही फैक्ट्री में नौकरी करती है। पुलिस की अब तक की विवेचना में परिस्थितियां और साक्ष्य पीयूष के खिलाफ मिले हैं। घटनाक्रम पर पीयूष की कहानी भी पुलिस को झूठी लग रही है, जो वह बताता आ रहा है।
माना जा रहा है कि वारदात एक ही व्यक्ति ने की है। तथ्यों के मद्देनजर एसपी क्राइम और क्राइम ब्रांच तथा पुलिस टीम सीओ स्वरूप नगर के दफ्तर में पीयूष और उसकी प्रेमिका से पूछताछ कर रही है। पुलिस को मोबाइल कॉल डिटेल और एसएमएस से दोनों की नजदीकी का पता चला है। घटना के दिन भी पीयूष ने उसे करीब 150 मैसेज किए थे। कई और चौंकाने वाले तथ्य पुलिस के हाथ लग चुके हैं।
इधर, जबलपुर से आए मायके पक्ष ने भी मंगलवार दोपहर शक की सुई दामाद पर घुमा दी।
ऐसे गहराया पीयूष पर पुलिस का शक
काकादेव के पांडुनगर निवासी पीयूष श्याम दासानी की पत्नी ज्योति (27) की रविवार रात अगवा कर हत्या कर दी गई। वह पति के साथ सीएसए चौराहा स्थित रैना मार्केट के वरांडा रेस्टोरेंट से खाना खाकर करीब 11:30 बजे कार से निकली थी। लगभग 1:15 पर शव पनकी थाने की पीछे गली में कार के अंदर मिला। पीयूष ने दावा किया था कि चार बाइक पर सवार आठ युवकों ने उन्हें कार से बाहर फेंककर पत्नी को अगवा कर लिया। उनमें कई एक विशेष वर्ग के थे।
पीयूष की थ्योरी पर पुलिस शुरू से ही भरोसा नहीं कर पा रही थी। वरांडा रेस्टोरेंट और उसके पास स्थित एक कार शोरूम के सीसीटीवी फुटेज में पीयूष शर्ट पहने था। जबकि स्वरूपनगर थाने की फुटेज में वह टी-शर्ट में दिखा।
शाम सात बजे की पीयूष के मोबाइल फोन की लोकेशन उसी जगह मिली, जहां शव बरामद हुआ। ऐसे कई सवाल थे जो पीयूष पर शक गहराने की असल वजह बने। पीयूष के परिवार ने शर्ट और बनियान बदलने के पीछे बटन टूटा होने की दलील दी। ऐसे में भी सवाल उठा।
ज्योति की मां-बाप ने खोला मुंह
दोपहर बाद क्षेत्राधिकारी राकेश नायक और क्राइम ब्रांच की टीम के सामने ज्योति की मां कंचन नागदेव ने सबसे पहले अपना मुंह खोला। उन्होंने बताया कि बेटी और दामाद के रिश्ते ज्यादा अच्छे नहीं थे। दो-दो घंटे पीयूष किसी और से बात करते थे। बेटी के ऐतराज करने पर विवाद हो जाता था। बेटी ने उनसे कई बार यह बताया, लेकिन उन्होंने ही बेटी से कहा कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।
ज्योति के पिता शंकर लाल ने शक की सुई केवल दामाद पर उठाई और कहा कि दोषी जो भी हो उन्हें न्याय चाहिए। आखिरकार पुलिस ने पीयूष को हिरासत में लेकर उनके और ज्योतिके मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए।
कुछ देर पूछताछ के बाद पुलिस टीम बर्रा क्षेत्र में रहने वाली पीयूष की प्रेमिका के घर पहुंची और उसे भी हिरासत में ले लिया। फिर सीओ स्वरूप नगर कार्यालय में पीयूष और उसकी प्रेमिका का आमना-सामना कराया गया। स्वरूपनगर क्षेत्राधिकारी दफ्तर में सच जानने की कवायद चल रही है।
कौन है पीयूष की प्रेमिका
पुलिस के मुताबिक पीयूष की प्रेमिका उसकी ही फैक्ट्री में केमिस्ट है। वह कानपुर नगर के ही एक उद्योगपति की करीबी रिश्तेदार बताई जा रही है। पीयूष की कॉल डिटेल से यह भी पता चला है कि 27 जुलाई (इसी दिन हत्या हुई) को पीयूष के मोबाइल फोन से शाम छह बजे से रात एक बजे के बीच उसे 150 मैसेज हुए हैं। मोबाइल पर दोनों में बातचीत भी हुई है। पुलिस को पता चला है पीयूष और उसकी प्रेमिका के बीच हर रोज करीब 50 मैसेज होते थे।
पीयूष ही प्राइम सस्पेक्ट : आईजी
आईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि पीयूष ही प्राइम सस्पेक्ट है। पीयूष ने जो घटनाक्रम बताया है वह गले नहीं उतर रहा है। उसके बयान भी विरोधाभाषी हैं। अब तक दिखी परिस्थितियां और मिले सबूत पीयूष के खिलाफ हैं। अब तक ही जांच में पीयूष के ही वारदात शामिल होने की बात सामने आ रही है। जल्द ही पूरी मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।