पाव टकला, दाऊद मुच्छड़: कैसे पड़े खूंखार अपराधियों के ऐसे नाम?
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कभी मुंबई को गैंगवार से दहलाने वाले खूंखार अपराधियों के चलतू नाम इतने रोचक और अजीब हैं कि उन्हें सुनकर किसी के भी चेहर में मुस्कान आ जाए। हालांकि इन अपराधियों के ये नाम उनकी क्रूरता से बदनाम हैं लेकिन ऐेसे रोचक नाम रखने के पीछे की कहानी मजेदार है।
हाल में गिरफ्तार हुआ डॉन छोटा राजन का नाम तो राजेंद्र सदाशिव निकालजे है लेकिन लोग उसे छोटा राजन नाम से जाना जाता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, छोटा राजन राजन नायर के साथ काम करता जो बड़ा राजन के नाम से जाना जाता था। बड़ा राजन ने निकालजे को अपना करीबी होने के कारण छोटा राजन नाम दिया था।
छोटा राजन का एक और नाम है 'नाना'। छोटा राजन अपने साथियों को इतना प्यार देता था कि वे उसे नाना कहकर बुलाने लगे। इसी प्रकार सलीम कुर्ला के नाम कुर्ला इसलिए लगाया गया क्योंकि उसका घर कुर्ला इलाके में था। दूसरे सलीम का नाम सलीम पासपोर्ट था। सलीम पासपोर्ट नाम इसलिए पड़ा क्योंकि वह जाली पासपोर्ट बनाने का धंधा करता था।
छोटा शकील का नाम क्यों पड़ा 'पाव टकला'
अंडरवर्ल्ड के अपराधियों के मजेदार नामों लिस्ट पर आगे नजर डालें तो छोटा शकील का नाम काफी प्रमुखता से आता है। छोटा शकील का एक और चलतू नाम, पाव टकला है। यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि छोटा शकील का सिर सामने की तरफ से गंजा था। और उसके नाम के आगे छोटा इसलिए लगा क्योंकि उसकी लंबाई बाकी साथियों से काफी कम थी।
हालांकि ये मजेदार नाम उनके करीबी साथी ही लिया करते थे। इसी प्रकार लंदन में रहने वाले इकबाल मेमन का नाम इकबाल मिर्ची पड़ गया।
इकबाल मिर्ची नाम इसलिए पड़ा क्योंकि वही मुंबई में कभी कीमा और मसालेदार मीट की शॉप चलाता था लेकिन बाद में उसने किराने की दुकान खोल ली और लाल मिर्च का कारोबार करने लगा। इकबाल के इसी कारोबार के कारण उसका नाम इकबाल मिर्ची पड़ा।
डॉन दाऊद का क्या है चलतू नाम?
गैंग में गैंग के साथी एक दूसरे का चलतू नाम रखते थे लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका नाम पुलिस वालों ने दिया। देश का सबसे बड़ा डॉन दाऊद भी चलतू नाम से नहीं बच सका। पुलिस ने मूछों के कारण दाऊद का नाम मुच्छड़ रखा था।
रफीक नाम का शख्स कैदियों को घर का बना खाना डिब्बा में पहुंचाता था जिससे उसका नाम रफीक डिब्बा रख दिया गया। इन नामों के पीछे एक पुलिस अधिकारी ने तर्क दिया है कि ऐसे नाम देने से अपराधियों को याद रखने और उन्हें पहचानने में मदद मिलती है।
छोटा शकील डोंगरी इलाके का रहने वाला था तो दूसरे शकील का नाम शकील लंबू रख दिया गया क्योंकि उसकी लंबाई ज्यादा थी। बताते हैं कि जब ये अपराधी गिरफ्तार होते तो पुलिस उनके खिलाफ उनके चलतू नाम से ही मामला दर्ज करती।